Sunday, October 04, 2026
BREAKING
• 2 साल से भर्तियों के इंतजार में ओवर एज हो रहे युवा, सीईटी तक नहीं करवा पाई सरकार: भूपेंद्र हुड्डा • हरियाणा CMO में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, अरुण गुप्ता की रिटायरमेंट के बाद जानें किसे मिली जिम्मेदारी • हरियाणा STF का बड़ा एक्शन; 5 लाख के इनामी वांछित आरोपी को अवैध हथियारों सहित पकड़ा...हत्या के बाद था फरार • कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के साथ बनेगी नई सड़क; सरकार ने दी मंजूरी; ट्रैफिक के लिए मिलेगा वैकल्पिक रास्ता • चंडीगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में पनीर की खेप बरामद • पंजाब के लिए गेमचेंजर बनेगा दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे! 667 KM कॉरिडोर से सफर होगा आसान • पंजाब के स्कूलों में पढ़ने वाले 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए खास खबर, मिलेगी मुफ्त कोचिंग • Shimla: विधानसभा के मानसून सत्र के बाद दूसरी बार टली मंत्रिमंडल बैठक • ​Hamirpur: असंवैधानिक नीतियों, कानूनों और फैसलों का रिकॉर्ड बना रहे हैं सुक्खू : जयराम • हिमाचल में अगले 6 माह में होगी 4 हजार शिक्षकों की नियुक्ति, आऊटसोर्स कर्मचारियों के लिए बनेगी नीति : CM सुक्खू

बाज़ार

अमेरिका के साथ व्यापार और रक्षा सौदों के कारण बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को झटका लगने की आशंका

19 मई, 2026 01:47 PM

अमेरिका और बांग्लादेश के बीच हुए नए व्यापार और रक्षा समझौतों को लेकर बांग्लादेशी मीडिया में गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं। ढाका के प्रमुख अखबार 'द डेली स्टार' में प्रकाशित एक लेख में इन समझौतों की तुलना ब्रिटिश शासनकाल की 'औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था' से की गई है।

ढाका विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर मोशाहिदा सुल्ताना द्वारा लिखे गए लेख में कहा गया है कि अमेरिका के साथ हुआ व्यापार समझौता बांग्लादेश के लिए फायदे और जोखिम दोनों लेकर आया है। समझौते के तहत बांग्लादेश के रेडीमेड गारमेंट्स को अमेरिकी बाजार में 'जीरो ड्यूटी', यानी बिना शुल्क के प्रवेश मिलेगा, लेकिन इसके बदले शर्त रखी गई है कि इन उत्पादों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाला कपास और फाइबर अमेरिका से ही आयात करना होगा।

लेख में कहा गया कि बांग्लादेश का गारमेंट उद्योग वर्षों की मेहनत, निवेश और कौशल से खड़ा हुआ है, लेकिन अब यह अमेरिकी कपास और अमेरिकी कृषि नीतियों पर निर्भर होता जा रहा है। यदि भविष्य में अमेरिका अपनी नीतियां बदलता है, कपास की आपूर्ति घटती है या नई शर्तें लागू करता है, तो इसका सीधा असर बांग्लादेश की फैक्ट्रियों, श्रमिकों की नौकरियों और बैंकिंग व्यवस्था पर पड़ेगा।
लेख में 19वीं सदी के ब्रिटेन-भारत व्यापार मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा गया कि जिस तरह उस दौर में भारत को कच्चा माल सप्लाई करने और तैयार माल खरीदने वाले बाजार में बदल दिया गया था, उसी तरह आज 'जीरो ड्यूटी लेकिन अमेरिकी कपास का इस्तेमाल जैसी शर्तें बांग्लादेश के सबसे बड़े निर्यात क्षेत्र को अमेरिकी हितों से जोड़ रही हैं।

रक्षा समझौतों को लेकर भी लेख में चिंता जताई गई है। इसमें कहा गया कि आधुनिक रक्षा और व्यापार समझौते धीरे-धीरे देशों को अमेरिकी रक्षा तंत्र पर निर्भर बना देते हैं। लेख के अनुसार बांग्लादेश पर अमेरिकी निगरानी प्रणाली, संचार उपकरण और हथियार खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि रूस और चीन से दूरी बनाने के संकेत दिए जा रहे हैं।

लेख में कहा गया कि इससे बांग्लादेश की रक्षा खरीद अमेरिकी प्लेटफॉर्म, सॉफ्टवेयर, हथियार, स्पेयर पार्ट्स और लाइसेंस व्यवस्था पर निर्भर हो जाएगी, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार अमेरिकी कंपनियों की ओर बहने लगेगा।
इसके अलावा, अमेरिका से महंगे बोइंग विमान खरीदने को लेकर भी चिंता जताई गई है। भले ही इन्हें 'आधुनिक विमान' और 'मॉडर्न फ्लीट' बताया जा रहा हो, लेकिन ये सौदे डॉलर में लंबे कर्ज और लीज पर आधारित होते हैं। विमान के रखरखाव, सॉफ्टवेयर, प्रशिक्षण और पार्ट्स के लिए भी लंबे समय तक अमेरिका पर निर्भर रहना पड़ता है।

लेख के मुताबिक, अमेरिका से विमान इंजन आयात का खर्च पहले ही 137 करोड़ टका से बढ़कर 1,852 करोड़ टका तक पहुंच चुका है। अगर यात्री संख्या का अनुमान गलत साबित हुआ या एयरलाइन घाटे में गई, तब भी कर्ज चुकाना पड़ेगा, जिसका बोझ आम जनता और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। लेख में इसे बांग्लादेश के लिए संभावित 'कर्ज के जाल' की चेतावनी बताया गया है।

Have something to say? Post your comment

और बाज़ार खबरें

जी7 देश 100 मिलियन बैरल कच्चा तेल और डीजल करेंगे जारी, अगले चार महीनों में होगी आपूर्ति

जी7 देश 100 मिलियन बैरल कच्चा तेल और डीजल करेंगे जारी, अगले चार महीनों में होगी आपूर्ति

नोएडा में ‘नो पीयूसी, नो पेट्रोल’ नियम लागू, 113 पेट्रोल पंपों पर शुरू हुई जांच

नोएडा में ‘नो पीयूसी, नो पेट्रोल’ नियम लागू, 113 पेट्रोल पंपों पर शुरू हुई जांच

अक्टूबर की शुरुआत के साथ बढ़ा महंगाई का असर, जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा बोझ

अक्टूबर की शुरुआत के साथ बढ़ा महंगाई का असर, जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा बोझ

ओपनएआई ने एआई एजेंट से जुड़ी घटनाओं को लेकर 100 से अधिक संगठनों को किया अलर्ट

ओपनएआई ने एआई एजेंट से जुड़ी घटनाओं को लेकर 100 से अधिक संगठनों को किया अलर्ट

आरबीआई अगले हफ्ते होने वाली एमपीसी बैठक में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कर सकता है बढ़ोतरी : एसबीआई रिपोर्ट

आरबीआई अगले हफ्ते होने वाली एमपीसी बैठक में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कर सकता है बढ़ोतरी : एसबीआई रिपोर्ट

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

मजबूत मांग से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी, पीएमआई 55 के पार

मजबूत मांग से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी, पीएमआई 55 के पार

यूपीआई लेनदेन की संख्या सितंबर में 23 प्रतिशत बढ़ी, वैल्यू 29 लाख करोड़ रुपए के पार

यूपीआई लेनदेन की संख्या सितंबर में 23 प्रतिशत बढ़ी, वैल्यू 29 लाख करोड़ रुपए के पार

मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, ऑटो स्टॉक्स पर दबाव

मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, ऑटो स्टॉक्स पर दबाव

सरकार ने वाहन निर्माताओं के लिए कैफे-3 नियमों को अधिसूचित किया, ईवी इंसेंटिव को रखा बरकरार

सरकार ने वाहन निर्माताओं के लिए कैफे-3 नियमों को अधिसूचित किया, ईवी इंसेंटिव को रखा बरकरार