Wednesday, August 19, 2026
BREAKING
नोएडा हवाई अड्डे के 27 किमी के दायरे में लेजर बीम पर प्रतिबंध पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित, बताया—’मानव जीवन की सच्ची सफलता दूसरों के कल्याण में’ SIR का असर, कई राज्यों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा मतदान प्रतिशत : चुनाव आयोग ‘श्रीरामचरितमानस’ के रचयिता तुलसीदास की जयंती पर ओम बिरला समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो और UAE के सुरक्षा प्रमुख की फोन पर बातचीत, ईरान और होर्मुज स्ट्रेट पर चर्चा पुणे में 7वीं ब्रिक्स आईसीटी बैठक, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और शासन पर जोर कैमरे से स्मार्टफोन तक, तस्वीरों ने ऐसे बदली दुनिया को देखने की नजर कच्चे तेल में तेजी के बीच सेंसेक्स-निफ्टी सपाट खुले कोलकाता के होटल में भीषण आग : बच्चे समेत नौ लोगों की मौ*त, छह लोग अस्पताल में भर्ती झारखंड में नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर सबसे बड़ी कार्रवाई, 22 परीक्षाएं रद्द, 2628 अफसरों-कर्मियों की नौकरी खत्म होगी

राष्ट्रीय

‘राष्ट्रपति का पद राजनीति से परे’, पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति मुर्मु के अनादर पर बोले किरेन रिजिजू

08 मार्च, 2026 05:38 PM

केंद्रीय संसदीय और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के पश्चिम बंगाल दौरे के बीच विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से परे है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने आई चुनौतियां न सिर्फ पश्चिम बंगाल, बल्कि पूरे देश के लिए ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ हैं।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “देश की पहली जनजातीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की ओर से इस प्रकार की पीड़ा व्यक्त किया जाना न सिर्फ पश्चिम बंगाल बल्कि पूरे देश के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। राष्ट्रपति का पद राजनीति से परे, राष्ट्र की सर्वोच्च संवैधानिक गरिमा का प्रतीक है।”

इससे पहले, किरेन रिजिजू ने राष्ट्रपति मुर्मु के संबोधन का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “मुझे आदिवासी और भारतीय होने पर हमेशा गर्व रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के इस शर्मनाक कृत्य ने मेरे गौरव को ठेस पहुंचाई है। भारत की राष्ट्रपति पद पर बैठी आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मु का अपमान करना आदिवासी गौरव का अपमान और भारत के संविधान पर आक्रमण है।”

दरअसल, यह टिप्पणी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में संथाल कॉन्फ्रेंस समारोह स्थल को आखिरी समय में बदलने पर नाराजगी जताने के बाद आई। राष्ट्रपति मुर्मु सिलीगुड़ी महकमा परिषद के फांसीदेवा क्षेत्र पहुंची थीं, लेकिन प्रोटोकॉल के अनुसार, मुख्यमंत्री या कोई मंत्री उनके स्वागत के लिए नहीं पहुंचा था।

यहीं नहीं, राष्ट्रपति को सिलीगुड़ी के बिधाननगर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेना था, लेकिन पश्चिम बंगाल प्रशासन ने कथित तौर पर सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कार्यक्रम की अनुमति से इनकार कर दिया। ऐसे में आयोजकों को कार्यक्रम गोशाईपुर में एक छोटी जगह पर शिफ्ट करना पड़ा।

राष्ट्रपति मुर्मु ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन था। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद जब मैं यहां आई तो मुझे एहसास हुआ कि अगर यह सम्मेलन यहीं आयोजित होता तो बेहतर होता, क्योंकि यह इलाका बहुत विशाल है। मुझे नहीं पता प्रशासन के मन में क्या चल रहा था। उन्होंने कहा कि नहीं, यह जगह भीड़भाड़ वाली है, लेकिन मुझे लगता है कि यहां आसानी से पांच लाख लोग इकट्ठा हो सकते थे। मुझे नहीं पता कि उन्होंने हमें वहां, इस स्थान से दूर क्यों ले गए।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे नहीं पता प्रशासन के मन में क्या चल रहा था कि उन्होंने सम्मेलन के लिए ऐसी जगह चुनी, जहां संथाल लोग नहीं जा सकते। मुझे बहुत दुख है कि यहां के लोग सम्मेलन में नहीं पहुंच पाए, क्योंकि यह इतनी दूर आयोजित किया गया था। शायद प्रशासन को उम्मीद थी कि कोई भी उपस्थित नहीं होगा और राष्ट्रपति चली जाएंगी।

राष्ट्रपति मुर्मु ने यह भी कहा कि अगर राष्ट्रपति किसी जगह जाती हैं तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी आना चाहिए, लेकिन वह नहीं आईं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं। ममता दीदी भी मेरी बहन हैं, मेरी छोटी बहन। मुझे नहीं पता कि वह मुझसे नाराज थीं, इसलिए ऐसा हुआ। 

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

नोएडा हवाई अड्डे के 27 किमी के दायरे में लेजर बीम पर प्रतिबंध

नोएडा हवाई अड्डे के 27 किमी के दायरे में लेजर बीम पर प्रतिबंध

पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित, बताया—’मानव जीवन की सच्ची सफलता दूसरों के कल्याण में’

पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित, बताया—’मानव जीवन की सच्ची सफलता दूसरों के कल्याण में’

SIR का असर, कई राज्यों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा मतदान प्रतिशत : चुनाव आयोग

SIR का असर, कई राज्यों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा मतदान प्रतिशत : चुनाव आयोग

‘श्रीरामचरितमानस’ के रचयिता तुलसीदास की जयंती पर ओम बिरला समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

‘श्रीरामचरितमानस’ के रचयिता तुलसीदास की जयंती पर ओम बिरला समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

पुणे में 7वीं ब्रिक्स आईसीटी बैठक, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और शासन पर जोर

पुणे में 7वीं ब्रिक्स आईसीटी बैठक, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और शासन पर जोर

कैमरे से स्मार्टफोन तक, तस्वीरों ने ऐसे बदली दुनिया को देखने की नजर

कैमरे से स्मार्टफोन तक, तस्वीरों ने ऐसे बदली दुनिया को देखने की नजर

कोलकाता के होटल में भीषण आग : बच्चे समेत नौ लोगों की मौ*त, छह लोग अस्पताल में भर्ती

कोलकाता के होटल में भीषण आग : बच्चे समेत नौ लोगों की मौ*त, छह लोग अस्पताल में भर्ती

झारखंड में नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर सबसे बड़ी कार्रवाई, 22 परीक्षाएं रद्द, 2628 अफसरों-कर्मियों की नौकरी खत्म होगी

झारखंड में नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर सबसे बड़ी कार्रवाई, 22 परीक्षाएं रद्द, 2628 अफसरों-कर्मियों की नौकरी खत्म होगी

एनएचएआई ने देश भर के 121 टोल प्लाजा पर डिजिटल फास्टैग लोकल पास सुविधा का किया विस्तार

एनएचएआई ने देश भर के 121 टोल प्लाजा पर डिजिटल फास्टैग लोकल पास सुविधा का किया विस्तार

बाल शोषण से संबंधित सामग्री पर कार्रवाई तेज करेगा मेटा, सरकार के साथ हुई चर्चाओं के बाद उठाए सख्त कदम

बाल शोषण से संबंधित सामग्री पर कार्रवाई तेज करेगा मेटा, सरकार के साथ हुई चर्चाओं के बाद उठाए सख्त कदम