न्यूजीलैंड के प्रवासी भारतीयों को जिस पल का इंतजार था आखिर वो खत्म हुआ और उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने आंखों के सामने पाया। ‘किआ ओरा मोदी’ (पीएम मोदी आपका स्वागत) और मोदी-मोदी के नारों से स्पार्क एरिना गूंज उठा। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने उत्साहित जनों का अभिवादन स्वीकार किया।
वहीं, विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए न्यूजीलैंड के पीएम ने कहा कि आप बेहद मेहनती लोग हैं। उन्होंने कहा, ” उनका देश जो कुछ भी आज है उसमें प्रवासी भारतीयों का बहुत बड़ा हाथ है। उन्होंने कहा कि आप लोग बेहद मेहनती लोग हैं। इसी हफ्ते की एक रिपोर्ट में जाहिर हुआ है कि भारतीय समुदाय हमारी अर्थव्यवस्था में 37 बिलियन डॉलर का योगदान दे रहा है। जो हमारी जीडीपी का नौ फीसदी है।”
इससे पहले, लोगों का अभिवादन स्वीकार करने के बाद राष्ट्रगान बजा फिर दोनों दर्शक दीर्घा में पहुंचे और द्विपक्षीय रिश्तों को बखूबी बयां करती वीडियो क्लिप स्क्रीन पर दिखाई गई। इसमें 4सC की बात थी! उस 4C को ‘कल्चर, क्रिकेट, कम्युनिटी और कॉमर्स’ के तौर पर परिभाषित किया गया यानी संस्कृति, क्रिकेट, सामुदायिक और वित्तीय संबंध। ऐसे संबंध जो तब भी झलके थे जब लक्सन भारत आए थे और अब भी झलके जब भारत के प्रधानमंत्री वहां पहुंचे।
ज्ञात हो, भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पीएम लक्सन 17 मार्च 2025 को नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब गए थे। तब दोनों नेताओं ने पीले स्कार्फ पहनकर गुरु ग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेका था और सिख समुदाय की सेवा एवं मानवता के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की थी।
वहीं, क्रिकेट के क्षेत्र में मजबूत होते रिश्तों की कहानी बयां करती तस्वीरें भी काफी आकर्षक हैं। इसमें क्रिस्टोफर लक्सन के गली क्रिकेट खेलती तस्वीरें भी हैं। भारत की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने नई दिल्ली में बच्चों और दिग्गज क्रिकेटरों के साथ ‘स्ट्रीट क्रिकेट’ (गली क्रिकेट) खेला था। द्विपक्षीय बैठक के बाद प्रेस वार्ता में न्यूजीलैंड के पीएम लक्सन ने कहा था कि वो भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं।
4C के मंत्र को फलीभूत होते उन समझौतों में भी देखा जा सकता है जो दोनों देशों के बीच संपन्न हुए। पीएम मोदी ने शुक्रवार को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी। इसमें 18 बड़े फैसले और 10 समझौतों (एमओयू) पर साइन किए गए। दोनों नेताओं ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा।