Thursday, July 09, 2026
BREAKING
एआई बना हाथियों का रक्षक, कोयंबटूर रेलवे ट्रैक पर ढाई साल से एक भी मौत नहीं दिल्ली-NCR में भारी मॉनसून बारिश: नोएडा-गाजियाबाद में जलभराव, सीएम रेखा गुप्ता ने जारी किया हाई अलर्ट नितिन गडकरी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया, राजस्थान में सुरक्षा उपायों की समीक्षा की दृढ़ संकल्प और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी : पीएम मोदी भूमि रिकॉर्ड और डिजिटल एड्रेसिंग सिस्टम के एकीकरण पर मंथन, ULPIN-DIGIPIN तालमेल को मिलेगा बढ़ावा मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में शामिल हुए पीएम मोदी, आर्थिक साझेदारी मजबूत करने पर जोर एसएआई और सफदरजंग स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के बीच एमओयू, स्पोर्ट्स साइंस और एथलीट देखभाल को मिलेगा बढ़ावा डीआरडीओ ने लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट पिनाका का सफल उड़ान परीक्षण किया ऑस्ट्रेलियनसुपर के 500 मिलियन एयू डॉलर के निवेश पर वित्त मंत्री ने जताई खुशी, पीएम मोदी को दिया धन्यवाद गुजरात के डेटा सेंटर लक्ष्यों की तुलना में डिप्टी सीएम संघवी ने विफल सेमीकंडक्टर पहलों पर उठाए सवाल

दुनिया

तेहरान पर नए हमलों के बाद राष्ट्रपति ट्रंप बोले-'पता नहीं ईरान समझौते का सम्मान करेगा या नहीं'

09 जुलाई, 2026 02:18 PM

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के नए जवाबी हमलों के बाद ईरान बातचीत करना चाहता है। ट्रंप ने सवाल किया कि क्या तेहरान पर किसी भी समझौते का सम्मान करने के लिए भरोसा किया जा सकता है? उन्होंने कहा कि वाशिंगटन ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकने पर ध्यान देते हुए जोरदार जवाब देना जारी रखेगा। ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समय) को कहा, "हमने और भी जोर से जवाब दिया।" तुर्किए में नाटो समिट के बाद वाशिंगटन लौटते समय एयर फोर्स वन में मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि कमर्शियल जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका ने जवाब दिया था।

ट्रंप ने कहा, "हमने उन पर बहुत कड़ा जवाबी हमला किया। मैं कहता हूं कि अनुपात 20-1 का रहा। वे हर बार हम पर हमला करेंगे, तो हम 20 गुना ज्यादा ताकत से जवाब देंगे। हमने बीती रात भी ऐसा ही किया। आज भी हमने कुछ कार्रवाई की, लेकिन वह मुख्य रूप से पिछली रात के जवाब में थी। उन्होंने वास्तव में दो नहीं, बल्कि तीन जहाजों पर हमला किया था। जब उन्होंने हमला किया, तो हमने उससे कहीं अधिक जोरदार जवाब दिया।"

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "मुझे नहीं पता कि वे डील मानेंगे या नहीं; यही समस्या है।" जब ट्रंप से पूछा गया कि यदि ईरान समझौता करना चाहता है, तो वह वाणिज्यिक जहाजों पर हमला क्यों करेगा, तो उन्होंने कहा, "सच कहूं तो यह सामान्य बात नहीं है। हालात इतने असामान्य हैं कि वे कुछ हद तक नियंत्रण से बाहर हो गए हैं, लेकिन वे समझौता करने के लिए बेताब हैं।"

ट्रंप ने कहा कि यह पूरा टकराव ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, "यह ईरान का डी-न्यूक्लियराइजेशन था, इसलिए, यह सब परमाणु हथियार लेने, ईरान को न्यूक्लियर हथियार न बनाने देने के बारे में है। और यह सबको पसंद आना चाहिए, आपको भी।" ट्रंप ने उन बातों को भी खारिज कर दिया कि तुर्किए छोड़ने से पहले आखिरी समय में एयरक्राफ्ट बदलना किसी खास सुरक्षा चिंता की वजह से हुआ था। उन्होंने कहा कि यह बदलाव इसलिए किया गया ताकि एयर बेस पर मौजूद लोग प्लेन देख सकें।

यह पूछे जाने पर कि क्या एयर फोर्स वन के खिलाफ ईरान से कोई भरोसेमंद खतरा था, ट्रंप ने कहा, "उनकी लिस्ट में मैं हर समय नंबर वन पर रहता हूं।" ट्रंप ने नाटो समिट को सफल बताया और कहा कि रक्षा खर्च को लेकर पहले के तनाव के बाद गठबंध ने एकता दिखाई है। उन्होंने कहा, "यह बहुत, बहुत अच्छी मीटिंग थी और लोग समझते हैं कि अमेरिका के साथ बहुत गलत व्यवहार किया गया है। मीटिंग में बहुत सी बातें सुलझ गईं।"

उन्होंने कहा कि यूरोप में अमेरिकी सैनिकों के भविष्य के फैसले कुछ हद तक ग्रीनलैंड और ईरान से जुड़े विकास पर निर्भर करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिन सहयोगी देशों ने पहले मदद करने से मना कर दिया था, वे अब ईरान पर मदद करने के लिए उत्सुक हैं। ट्रंप ने कहा, "वे सब जाना चाहते हैं और वे ईरान के मामले में बहुत मदद करना चाहते हैं, लेकिन मुझे सच में मदद की जरूरत नहीं है।" इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीरिया और हिज्बुल्लाह पर चर्चा की।

ट्रंप ने सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की भी सराहना की और कहा कि उन्होंने बहुत अच्छा काम किया। अमेरिकी राष्ट्रपति से जब पूछा गया कि क्या अल-शरा ने लेबनान में हिज्बुल्लाह कतो लेकर कोई वादा किया है तो ट्रंप ने जवाब दिया, "हां।" हालांकि, उन्होंने इस संबंध में किसी भी तरह की विस्तृत जानकारी देने से मना कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की उनकी मीटिंग के दौरान बहुत अच्छे थे।

वाशिंगटन और तेहरान के बीच मिलिट्री एक्सचेंज और कमर्शियल शिपिंग पर हमलों के बाद तनाव बढ़ गए हैं। इस बीच ट्रंप सरकार ने कहा है कि अमेरिका का मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के साथ ही सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक दबाव का इस्तेमाल करके तेहरान को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर करना है।

 

Have something to say? Post your comment

और दुनिया खबरें

मेलबर्न में पीएम मोदी बोले-हमारा एजेंडा वनडे, फैसले टी20 और साझेदारी टेस्ट मैच की तरह लंबे समय तक टिकने वाली

मेलबर्न में पीएम मोदी बोले-हमारा एजेंडा वनडे, फैसले टी20 और साझेदारी टेस्ट मैच की तरह लंबे समय तक टिकने वाली

भारत के साथ आर्थिक संबंध बढ़ाने के लिए काम करते रहेंगे: ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बनीज

भारत के साथ आर्थिक संबंध बढ़ाने के लिए काम करते रहेंगे: ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बनीज

होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की क्षमता कमजोर करने के लिए अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन किए हमले

होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की क्षमता कमजोर करने के लिए अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन किए हमले

मेलबर्न में पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई कारोबारियों को दिया भारत में निवेश का न्योता, बोले-स्वच्छ ऊर्जा, एआई और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाएं

मेलबर्न में पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई कारोबारियों को दिया भारत में निवेश का न्योता, बोले-स्वच्छ ऊर्जा, एआई और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाएं

पीएम मोदी भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में हुए शामिल, ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष अल्बनीज से की मुलाकात

पीएम मोदी भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में हुए शामिल, ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष अल्बनीज से की मुलाकात

अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गोल्डी बराड़ पर रखा 50 हजार डॉलर का इनाम, गिरफ्तारी में मदद की अपील

अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गोल्डी बराड़ पर रखा 50 हजार डॉलर का इनाम, गिरफ्तारी में मदद की अपील

वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 3,685 हुई

वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 3,685 हुई

प्रधानमंत्री मोदी आज से ऑस्ट्रेलिया के तीन दिवसीय दौरे पर, रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी पर रहेगा फोकस

प्रधानमंत्री मोदी आज से ऑस्ट्रेलिया के तीन दिवसीय दौरे पर, रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी पर रहेगा फोकस

यूएन में भारत ने रखा एआई गवर्नेंस का विजन, सुरक्षित, भरोसेमंद और समावेशी व्यवस्था पर दिया जोर

यूएन में भारत ने रखा एआई गवर्नेंस का विजन, सुरक्षित, भरोसेमंद और समावेशी व्यवस्था पर दिया जोर

कमर्शियल जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

कमर्शियल जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना