अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि यदि वह मध्यावधि चुनाव में खुद उम्मीदवार होते तो रिपब्लिकन पार्टी भारी जीत हासिल करती। अमेरिकी कांग्रेस पर डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण के बाद ट्रंप ने पार्टी की चुनावी हार के लिए अपने सहयोगियों को जिम्मेदार ठहराया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मैं चुनाव मैदान में नहीं था। अगर मैं होता तो हम भारी बहुमत से जीतते।”
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने संकेत दिया कि वह चुनाव में उम्मीदवारों की जीत और हार के कारणों का विश्लेषण करने के लिए राजनीतिक टिप्पणीकार की भूमिका निभाएंगे।
ट्रंप की यह प्रतिक्रिया मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को मिली बड़ी हार के बाद आई है। उन्होंने चुनाव परिणाम स्वीकार करने की बात कही, लेकिन उनके बयानों से संकेत मिला कि वह अपनी अनुपस्थिति को हार की एक वजह मानते हैं।
इससे पहले ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि डेमोक्रेटिक पार्टी कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल करती है तो वह उसके विधेयकों को वीटो कर देंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि अमेरिकी संविधान उन्हें तीसरी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं देता, हालांकि उन्होंने दोबारा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी।
न्यूयॉर्क पोस्ट के ‘पॉड फोर्स वन’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा था कि यदि रिपब्लिकन पार्टी चुनाव हारती है तो वह हर विधेयक को वीटो करेंगे। उन्होंने संकेत दिया था कि लगातार वीटो के बाद डेमोक्रेटिक नेता समझौते के लिए उनसे संपर्क कर सकते हैं।
ट्रंप ने कहा था कि कुछ समय तक विधेयकों को रोकने के बाद डेमोक्रेट्स बातचीत के लिए आगे आएंगे और दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंच सकते हैं।