अमेरिका में मंगलवार को होने वाले मध्यावधि चुनाव में मतदाता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शुरुआती दो वर्षों के कामकाज पर अपना फैसला सुनाएंगे।
सीनेट पर नियंत्रण की लड़ाई करीब 10 राज्यों में कड़े मुकाबलों के बीच हो रही है। इनमें से ज्यादातर राज्य रिपब्लिकन पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाते हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी को सीनेट में बहुमत हासिल करने के लिए कम से कम चार सीटें जीतनी होंगी।
इस बार का चुनाव काफी हद तक ट्रंप के इर्द-गिर्द केंद्रित है। पिछले एक दशक से अमेरिकी राजनीति में वह प्रमुख चेहरा रहे हैं। ट्रंप ने अपने समर्थकों से बार-बार कहा है कि वे ऐसा समझें जैसे उनका नाम भी मतपत्र पर है। डेमोक्रेटिक नेताओं ने भी इसी मुद्दे को अपने चुनाव प्रचार का हिस्सा बनाया है।
ट्रंप ने अक्टूबर की शुरुआत से दो दर्जन से अधिक चुनावी रैलियां की हैं। इनमें से ज्यादातर उन राज्यों में हुईं, जहां उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में आसानी से जीत हासिल की थी। इससे संकेत मिलता है कि रिपब्लिकन पार्टी अपने पारंपरिक चुनावी क्षेत्रों में भी बचाव की रणनीति अपना रही है।