Thursday, October 15, 2026
BREAKING
• अंबाला छावनी में जनसुनवाई में बिजली विभाग की लापरवाही पर अनिल विज सख्त, एक्सईएन हरीश गोयल के तबादले के आदेश • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीडिश कंपनियों के प्रतिनिधियों से राउंड टेबल वार्ता की, निवेश का न्यौता दिया • ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल मजबूत कर रही सरकार : रणबीर गंगवा • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना किसान को पारदर्शी तरीके से हाथ में मिले उसकी पॉलिसी : श्याम सिंह राणा • सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ विपक्ष का मार्च दुर्भाग्यपूर्ण, इसके पीछे कौन-सी ताकत, जनता तलाशे जवाब : अनिल विज • इंडो-स्वीडन इनोवेशन डे पर उपस्थित होना सम्मान और प्रसन्नता का विषय : नायब सिंह सैनी • पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों को स्क्रैप करवाएं, प्रदूषण कम करने में सहयोग करें • खरड़ सिविल अस्पताल में चिट्टे के कथित सेवन की स्वतंत्र जांच की मांग • परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में पंजाब बंद, कई जिलों में प्रदर्शन • सीएम भगवंत मान के फ्रांस दौरे की राजनीतिक मंजूरी रद्द करने पर हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

राष्ट्रीय

सरकार ने चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की सीमा 1,000 क्विंटल निर्धारित की, 15 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी

15 अक्टूबर, 2026 03:38 PM

नई दिल्ली(एजेंसी) : केंद्र सरकार ने चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की अवधि को घटाकर 15 दिन कर दिया है और स्टॉक रखने की सीमा 1,000 क्विंटल निर्धारित की है। यह 15 अक्टूबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। वहीं कोलकाता और उसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्रों और असम राज्य में यह लागू नहीं है।

उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, ये संशोधित प्रावधान 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है और इनके तहत एक चीनी व्यापारी को निम्नलिखित मानदंडों का पालन करना है।

  • चीनी का स्टॉक प्राप्त होने की तारीख से 15 दिनों से अधिक समय तक अपने पास न रखें।
  • देश भर में किसी भी समय और किसी भी स्थान पर 1,000 क्विंटल से अधिक चीनी का भंडार न रखें।
  • इस क्षेत्र की विशिष्ट बाजार आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, कोलकाता और इसके विस्तारित महानगरीय क्षेत्रों तथा असम राज्य के लिए स्टॉक रखने की सीमा 2,000 क्विंटल निर्धारित की गई है।
  • कोलकाता उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक से चीनी खरीदता है और इसे देश के पूर्वी हिस्से, जिसमें उत्तर-पूर्वी क्षेत्र भी शामिल है को आपूर्ति करता है। असम के लिए ऊपरी सीमा भौगोलिक बाधाओं, परिवहन व्यवस्था और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में उपभोक्ताओं की रुचि को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की गई है।

संशोधित नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वितरण श्रृंखला में चीनी का अनावश्यक संचय न हो और चीनी मिलों से डीलरों के माध्यम से अंततः अंतिम उपभोक्ता तक आपूर्ति सुचारू रूप से हो। यह उपाय विशेष रूप से जमाखोरी पर अंकुश लगाने, सट्टेबाजी को हतोत्साहित करने और डीलरों द्वारा चीनी के भंडार के संचय को रोकने के लिए है। चीनी की मात्रा और भंडारण अवधि को सीमित कर सरकार आपूर्ति श्रृंखला के माध्यम से चीनी की व्यवस्थित आवाजाही को सुगम बनाना चाहती है और उपभोक्ताओं को उचित कीमतों पर इसकी निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना चाहती है।

 

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

पीएम मोदी ने लद्दाख में 3,350 करोड़ की 5 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया

पीएम मोदी ने लद्दाख में 3,350 करोड़ की 5 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया

बस्तर में नक्सलवाद ने आदिवासियों को पहुंचाया नुकसान, अब उनके घाव भरना हमारी जिम्मेदारी : अमित शाह

बस्तर में नक्सलवाद ने आदिवासियों को पहुंचाया नुकसान, अब उनके घाव भरना हमारी जिम्मेदारी : अमित शाह

महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति पर सुनील तटकरे ने पीएम मोदी से की मुलाकात, केंद्र से मांगी मदद

महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति पर सुनील तटकरे ने पीएम मोदी से की मुलाकात, केंद्र से मांगी मदद

राहुल गांधी और नेहा बोरा लोकतांत्रिक विरोध नहीं, अराजकता की राजनीति कर रहे : प्रदीप भंडारी

राहुल गांधी और नेहा बोरा लोकतांत्रिक विरोध नहीं, अराजकता की राजनीति कर रहे : प्रदीप भंडारी

KAUMARACON 2026 : उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आज करेंगे अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद बाल चिकित्सा सम्मेलन का उद्घाटन

KAUMARACON 2026 : उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आज करेंगे अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद बाल चिकित्सा सम्मेलन का उद्घाटन

नवरात्रि के पांचवें दिन पीएम मोदी ने देवी की महिमा का भजन किया साझा, स्कंदमाता से की मंगलकामना

नवरात्रि के पांचवें दिन पीएम मोदी ने देवी की महिमा का भजन किया साझा, स्कंदमाता से की मंगलकामना

सशक्त नारी ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला : मुख्यमंत्री योगी

सशक्त नारी ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला : मुख्यमंत्री योगी

एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर देश ने किया याद, गडकरी और योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर देश ने किया याद, गडकरी और योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

आईआईटी रक्षा संबंधी जरूरतों के अनुरूप अनुसंधान कर महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं: राजनाथ सिंह

आईआईटी रक्षा संबंधी जरूरतों के अनुरूप अनुसंधान कर महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं: राजनाथ सिंह

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज विजयवाड़ा में करेंगी ‘सरस मेले’ का उद्घाटन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज विजयवाड़ा में करेंगी ‘सरस मेले’ का उद्घाटन