शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार ने संशोधित टोल नीति के तहत एंट्री टैक्स (टोल) से 228 करोड़ रुपए के राजस्व का अनुमान लगाया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 54 करोड़ रुपए अधिक है। यह अनुमान विधानसभा में चल रही बहस के बीच सामने आया है जहां विधायकों राकेश जमवाल, राकेश कालिया और सुखराम चौधरी ने सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों और दैनिक यात्रियों पर एंट्री टैक्स के प्रभाव को लेकर चिंता जताई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत निजी वाहनों को एंट्री टैक्स से छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि यह कर मुख्य रूप से वाणिज्यिक और परिवहन वाहनों जैसे ट्रक, बस और माल ढोने वाले वाहनों पर लागू होता है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के संपर्क में है, क्योंकि टोल बैरियरों और सीमाओं पर लंबा ट्रैफिक जाम देखा जा रहा है।
वर्ष 2025-26 की टोल नीति के अनुसार, दैनिक दरें हल्के मोटर वाहनों के लिए 70 रुपए से लेकर भारी मालवाहक वाहनों के लिए 720 रुपए तक निर्धारित हैं, जो उनकी लोड क्षमता पर निर्भर करती हैं। छोटे मालवाहक वाहनों के लिए यह शुल्क 130 रुपए प्रतिदिन है, जबकि अधिक सीट क्षमता वाले यात्री वाहनों पर भी तय श्रेणियों में कर लगाया जाता है। वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित दरों में और बदलाव किया गया है। इसके तहत हल्के मालवाहक वाहनों के लिए 170 रुपए प्रतिदिन का प्रस्ताव है, जबकि ट्रक और बस जैसे वाणिज्यिक वाहनों के लिए यह दर 570 से 900 रुपए तक हो सकती है, जो उनके एक्सल लोड और वजन श्रेणी पर आधारित होगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि टोल बैरियर के पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों को रियायती पास दिए जाएंगे, बशर्ते उन्हें स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रमाणित किया जाए। हालांकि, हिमाचल प्रदेश के बाहर पंजीकृत वाहनों पर ऐसी कोई छूट लागू नहीं होगी।
विधायक राकेश कालिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों का पंजाब और हरियाणा के साथ घनिष्ठ सामाजिक और आर्थिक संबंध है, जहां परिवार दोनों राज्यों में रहते हैं। उन्होंने जोर दिया कि रोजमर्रा के कामकाज के लिए होने वाली आवाजाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि ऐसे निवासियों के लिए पास की व्यवस्था पर विचार किया जाएगा। वहीं, सुखराम चौधरी ने काला अंब, पांवटा साहिब और यमुनानगर से औद्योगिक क्षेत्रों में रोजाना आने-जाने वाले कर्मचारियों की समस्याएं उठाईं, जबकि कांग्रेस विधायक हरदीप बावा ने बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ क्षेत्रों में इसी तरह की दिक्कतों की ओर ध्यान दिलाया।
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने पड़ोसी राज्यों के साथ पारस्परिक कर व्यवस्था पर स्पष्टता मांगी। विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं, जिनमें जयराम ठाकुर भी शामिल हैं, पर एंट्री टैक्स हटाने और महिलाओं व अनाथों पर कर लगाने को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य विधानसभा द्वारा पारित विधेयक को अभी राज्यपाल की मंजूरी नहीं मिली है और इसे अभी अधिसूचित किया जाना बाकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों-विशेषकर सीमावर्ती निवासियों और औद्योगिक कर्मचारियों से जुड़े मामलों पर विस्तार से विचार किया जाएगा और अंतिम निर्णय के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।