नई दिल्ली(एजेंसी) : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यूक्रेन और खाड़ी में जारी संघर्षों समेत प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर निर्णय लेने के मामले में यह वैश्विक संस्था ‘‘अप्रासंगिक’’ हो गई है।
दरअसल, जयशंकर ने कल सोमवार को नई दिल्ली में पांचवें कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में एक संवाद सत्र के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह बात कही। विदेश मंत्री ने पिछले महीने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित किया था। सम्मेलन में विदेश मंत्री से पूछा गया कि उनके विचार में संयुक्त राष्ट्र का भविष्य क्या है और दुनिया में बहुपक्षीय संस्थाओं का भविष्य कैसा है।
जयशंकर ने कहा, ‘‘जहां तक संयुक्त राष्ट्र का सवाल है, मेरा मानना है कि अब यह बात सभी के लिए स्पष्ट है कि संयुक्त राष्ट्र गतिरोध में फंसा हुआ है। अगर आप आज के प्रमुख मुद्दों को देखें, चाहे वह खाड़ी में संघर्ष हो, यूक्रेन में संघर्ष हो, अफ्रीका के अन्य मुद्दे हों या कोविड हो, वास्तव में निर्णय लेने के मामले में संयुक्त राष्ट्र काफी हद तक अप्रासंगिक रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि अब व्यापक रूप से यह धारणा है कि इसका एक बड़ा कारण यह है कि (संयुक्त राष्ट्र) सुरक्षा परिषद असमंजस में पड़ी हुई है और सुरक्षा परिषद अब वैश्विक हितों की पूरी तस्वीर का प्रतिनिधित्व नहीं करती।’’ विदेश मंत्री जयशंकर ने इससे पहले भी कई मंचों पर संयुक्त राष्ट्र के प्रति आलोचनात्मक रुख अपनाया है।