शिमला : विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन शून्यकाल में प्रदेश के नौ विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को सदन के भीतर रखा। लाडा, सिविल अस्पताल, टोल बैरियर में एंट्री फीस वृद्धि, मेडिकल कॉलेज, टैम्पो सुविधा, रिक्त पदों और रसोई गैस से जुड़े विषय इसमें शामिल रहे। इन विषयों को विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने महत्तवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इन सभी विषयों को संबंधित विभागों व सरकार के समक्ष रखा जाएगा और इस पर जो भी कार्रवाई होगी, उससे सदस्यों को सदन को अवगत करवाया दिया जाएगा।
विधानसभा के बजट सत्र में शून्यकाल में सबसे पहले भरमौर के विधायक डा. जनक राज ने प्रदेश सरकार की अनाथ बच्चों के लिए चलाई सुखाश्रय योजना के लिए लोकल एरिया डिवेलपमेंट फंड से 40 प्रतिशत राशि देने के फैसले से जुड़ा मामला सदन में रखा। विधायक डा. जनक राज ने कहा कि लाडा की गाइडलाइन के तहत इस राशि को प्रभावित क्षेत्रों में ही खर्च करना होता है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या इस राशि को योजना के तहत उसी क्षेत्र के अनाथ बच्चों पर खर्च होनी है। उन्होंने कहा कि ऐसा न होने की सूरत में स्थानीय स्तर पर आंदोलन करना पड़ेगा।
विधायक सुरेंद्र शौरी ने नागरिक अस्पताल में डाक्टरों की डि-नोटिफाई किए गए पदों को दोबारा नोटिफाई करने का सदन में मांग की। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल पर क्षेत्र की 34-35 पंचायतों के लोग निर्भर है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस अस्पताल को आदर्श स्वास्थ्य संस्थान का दर्जा दिया है।
विधायक हरदीप सिंह बावा ने हिमाचल में एंट्री फीस में हुई बढ़ोतरी का मामला सदन में रखा। उन्होंने कहा कि इसी विषय पर ऑल इंडिया ट्रक ऑपरेटर फेडेरेशन ने सीएम से भी मिलकर प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि इसका असर व्यापक पड़ रहा है। उन्होंने आग्रह किया कि यह वृद्धि रिजनेवल हो।
विधायक राकेश कालिया ने प्रधानमंत्री को लेकर सोशल मीडिया पर क्षेत्र के बीडीसी एवं कांग्रेस नेता की गई पोस्ट पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का मामला शून्यकाल में सदन के भीतर रखा। उन्होंने कहा कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का विषय है। उन्होंने आग्रह किया कि प्रदेश सरकार इस मामले में उचित कदम उठाएं।
विधायक सुदर्शन बबलू ने इसमें सप्लीमेंट करते हुए केंद्र सरकार आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी पर सवाल उठाना अधिकार है। केंद्र सरकार आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। इस पर सरकार संज्ञान ले।
विधायक नीरज नैय्यर ने चंबा मेडिकल कॉलेज में उपकरण, फर्नीचर की टेंडर प्रक्रिया का मामला सदन में रखा। उन्होंने कहा कि पैसा है और डेढ़ वर्ष का समय हो गया है। कॉलेज का नया भवन बनकर तैयार है और अब पेंट भी उखडऩे लगा है। उन्होंने मांग की कि अतिशीघ्र टेंडर खोला जाए। साथ ही कॉलेज में आउटसोर्स पर होने वाली भर्ती भी इसके साथ शुरू करने का उन्होंने सरकार से आग्रह किया।
विधायक केवल सिंह पठानिया ने उप-मुख्यमंत्री के समक्ष धर्मशाला से करेरी के लिए एचआरटीसी का टैम्पो चलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट से टैम्पो चलाया गया, उसको लेकर रिपोर्ट ली जाए। उन्होंने सदन में केंद्रीय विश्वविद्यालय और डीएवी संजौली से समय पर बस न होने का मामला भी रखा।
विधायक मलेंद्र राजन ने नूरपुर जिला पुलिस के तहत रिक्त पड़े पदों को भरने का आग्रह सरकार से सदन में किया। उन्होंने कहा कि पुलिसलाइन नूरपुर में अभी तक पदों का सृजन भी नहीं हुआ है, जिसके चलते उन्हें काफी मुशिकलों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक अनुराधा राणा ने सरकार प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की आपूर्ति को तय स्पैन को कम करने का मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह किया।