अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम बढ़ाए जाने की घोषणा के बावजूद भारतीय शेयर बाजार बुधवार को कमजोर शुरुआत के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते बाजार पर दबाव देखने को मिला।
कारोबार के शुरुआती घंटों में सेंसेक्स करीब 500 अंक या 0.62 प्रतिशत गिरकर 78,779 के स्तर तक आ गया, जबकि निफ्टी 142 अंक यानी 0.57 प्रतिशत टूटकर 24,434 पर कारोबार करता नजर आया। बाजार में गिरावट की मुख्य वजह आईटी, बैंकिंग, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में बिकवाली रही।
आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचसीएल टेक और अपोलो हॉस्पिटल्स जैसे प्रमुख शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। वहीं, एफएमसीजी और मेटल सेक्टर में हल्की खरीदारी के चलते ये इंडेक्स टॉप गेनर्स में रहे।
बाजार की अस्थिरता को दर्शाने वाला इंडिया VIX भी करीब 3 प्रतिशत तक उछल गया, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।
मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब 1,919 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,221 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम को अनिश्चितकाल तक बढ़ाने की घोषणा की है। हालांकि, क्षेत्र में नौसैनिक नाकेबंदी जारी है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवाजाही अब भी बाधित बनी हुई है, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है।
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखी गई। ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड 90.71 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। जापान का निक्केई हल्की बढ़त में रहा, जबकि हैंगसेंग और कोस्पी में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, अमेरिकी बाजार पिछले सत्र में कमजोरी के साथ बंद हुए, जहां एसएंडपी 500 और नैस्डैक दोनों में गिरावट देखी गई।