Tuesday, October 06, 2026
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बाज़ार

लगातार तीसरे दिन शेयर बाजार में हाहाकार, निवेशकों के डूबे 4.5 लाख करोड़, 6 बड़े कारणों से हुआ मार्केट क्रैश

21 जनवरी, 2026 04:30 PM

भारतीय शेयर बाजारों में बुधवार, 21 जनवरी को लगातार तीसरे कारोबारी दिन भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 1000 अंक तक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 25,000 के अहम स्तर को तोड़कर नीचे फिसल गया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, तिमाही नतीजों से मिले-जुले संकेत और बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ता दिखा। इस गिरावट से निवेशकों के डेढ़ घंटे में ही 4.50 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा डूब गए।

बाजार में चौतरफा बिकवाली का माहौल रहा। सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1.5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

एक दिन पहले मंगलवार को बाजार में पिछले आठ महीनों की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई थी। उस दिन निफ्टी करीब 1.4 फीसदी और सेंसेक्स 1.3 फीसदी टूट गया था। कई नकारात्मक फैक्टर्स के एक साथ असर से बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हुआ था।


गिरावट के पीछे 6 बड़े कारण

1. रुपए का रिकॉर्ड निचला स्तर
शेयर बाजार पर दबाव की सबसे बड़ी वजह रुपए की कमजोरी रही। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 31 पैसे टूटकर 91.28 के नए ऑल-टाइम लो पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, डॉलर की लगातार मांग, भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी पूंजी की निकासी ने रुपए पर दबाव बढ़ाया।

2. FII की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) जनवरी महीने में लगातार बिकवाली कर रहे हैं। एक्सचेंज आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को एफआईआई ने 2,938.33 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। यह जनवरी में लगातार 11वां दिन रहा जब एफआईआई शुद्ध बिकवाल रहे। इस महीने अब तक कुल 32,253 करोड़ रुपए की निकासी हो चुकी है।

3. दिसंबर तिमाही के मिले-जुले नतीजे
दिसंबर तिमाही के नतीजे बाजार को कोई स्पष्ट दिशा देने में नाकाम रहे। आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में दिखा, जबकि कई बड़े प्राइवेट बैंकों के नतीजे भी उम्मीद से कमजोर रहे। शॉपर्स स्टॉप समेत कई शेयर कमजोर नतीजों के चलते 10 फीसदी तक टूट गए। जियोजित इनवेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार के मुताबिक, शुरुआती Q3 नतीजों में अर्निंग्स ग्रोथ की साफ रिकवरी नजर नहीं आ रही है।

4. कमजोर ग्लोबल संकेत
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं अमेरिकी बाजारों में भी रातभर तेज बिकवाली देखने को मिली। नैस्डैक कंपोजिट 2.39 फीसदी, S&P 500 2.06 फीसदी और डॉव जोंस 1.76 फीसदी टूटकर बंद हुआ।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि यूरोपीय देशों पर संभावित टैरिफ और ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के सख्त रुख से ट्रेड वॉर की आशंकाएं बढ़ गई हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में दबाव बना है।

5. इंडिया VIX में उछाल
बाजार की घबराहट को दर्शाने वाला इंडिया VIX इंडेक्स करीब 4 फीसदी चढ़कर 13.22 पर पहुंच गया। VIX में तेजी का मतलब है कि निवेशक आने वाले दिनों में ज्यादा उतार-चढ़ाव की आशंका जता रहे हैं।

6. बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड को लेकर बयान और यूरोपीय देशों के खिलाफ संभावित टैरिफ कदमों ने वैश्विक अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है। वीके विजयकुमार के मुताबिक, इन घटनाओं से वैश्विक बाजारों में “रिस्क-ऑफ” माहौल बन गया है और निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

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