भारतीय रेलवे ने उत्तरी रेलवे के मुरादाबाद डिवीजन में शेष 712 रूट किलोमीटर (आरके) रेल खंड पर कवच वर्जन 4.0 लागू करने की मंजूरी दी है। इस परियोजना पर कुल 170 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच 4.0 की तैनाती से डिवीजन में रेल परिचालन की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
712 किलोमीटर रेल खंड पर होगा कवच का विस्तार
स्वीकृत परियोजना के तहत मुरादाबाद डिवीजन के शेष 712 रूट किलोमीटर हिस्से में कवच 4.0 लगाया जाएगा। इसके जरिए चिन्हित रेल खंडों में ट्रेनों के परिचालन के दौरान एक अतिरिक्त और उन्नत सुरक्षा परत उपलब्ध होगी।
ट्रेन सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
कवच एक स्वदेशी रूप से विकसित ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) प्रणाली है। इसे रेल परिचालन के दौरान सुरक्षा बढ़ाने और मानवीय त्रुटियों से होने वाले जोखिम को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके लागू होने से ट्रेन संचालन के दौरान आपात परिस्थितियों में सुरक्षा संबंधी तकनीकी सहायता मिलेगी।
खतरे के सिग्नल को पार करने से रोकने में मदद
कवच प्रणाली ट्रेन को खतरे की स्थिति में सिग्नल पार करने यानी सिग्नल पास्ड एट डेंजर (एसपीएडी) से रोकने में सहायता करती है। जरूरत पड़ने पर यह प्रणाली स्वचालित रूप से ब्रेक लगाने में सक्षम है। साथ ही, गंभीर परिस्थितियों में ट्रेन की गति को नियंत्रित करने में भी मदद करती है।
टक्कर के जोखिम को कम करने पर जोर
कवच की तैनाती का एक प्रमुख उद्देश्य ट्रेनों की टक्कर के जोखिम को कम करना है। प्रणाली ट्रेन की गति और सिग्नल संबंधी स्थितियों पर नजर रखते हुए सुरक्षा उपायों को सक्रिय करने में मदद करती है। इससे व्यस्त रेल नेटवर्क पर सुरक्षित ट्रेन संचालन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पूरे नेटवर्क में कवच कवरेज बढ़ाने की पहल
मुरादाबाद डिवीजन में कवच 4.0 के विस्तार की यह मंजूरी भारतीय रेलवे की अपने नेटवर्क में कवच कवरेज बढ़ाने की व्यापक योजना का हिस्सा है। इसके साथ रेलवे सिग्नलिंग और ट्रेन सुरक्षा प्रणालियों को आधुनिक बनाने पर भी लगातार काम कर रहा है। स्वदेशी तकनीक के विस्तार से रेल परिचालन की सुरक्षा व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जा रहा है।