नई दिल्ली(एजेंसी) : देश के अधिकांश हिस्सों से मानसून की विदाई के बावजूद मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ गया है। मध्य प्रदेश में बने चक्रवाती तंत्र के चलते अगले तीन दिनों तक 16 जिलों में बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पंजाब समेत 9 राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। उत्तर प्रदेश: 10 नदियां उफान पर, लखनऊ और सीतापुर समेत 7 जिलों में बाढ़पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बारिश के चलते उत्तर प्रदेश की 10 प्रमुख नदियां उफान पर आ गई हैं। राजधानी लखनऊ और सीतापुर सहित प्रदेश के 7 जिले बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। गोंडा के 10 गांव अभी भी जलमग्न हैं। लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र में दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां पानी के तेज बहाव में 6 दोस्त बह गए। इनमें से 5 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक युवक की मौत हो गई। वहीं उन्नाव में बारिश के कारण दीवार ढहने से एक महिला की जान चली गई। लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से हनुमंत धाम परिसर जलमग्न हो गया है और लेटे हुए हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक पानी पहुंच चुका है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और ओले, मैदानी इलाकों में फसलें भीगीं
उत्तराखंड के उच्च पर्वतीय इलाकों चमोली में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि देहरादून में तेज बारिश और अल्मोड़ा व उत्तरकाशी में ओले गिरे हैं। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के 7 जिलों—चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
हरियाणा के पंचकूला में भी ओलावृष्टि हुई, जबकि यमुनानगर में झमाझम बारिश के चलते अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखी धान की उपज और ट्रॉलियों में लदी फसलें भीग गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।
बिहार के 6 जिलों में 8 लाख लोग प्रभावित
बिहार में मुंगेर, गयाजी, बांका और मोतिहारी में मंगलवार को तेज बारिश हुई। गंगा और गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से वैशाली समेत 6 जिलों के करीब 466 गांव अभी भी बाढ़ की मार झेल रहे हैं, जिससे लगभग 8 लाख की आबादी प्रभावित है।