लखनऊ (एजेंसी) : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की तैयारियां तेज करते हुए रविवार को उत्तराखंड के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में चुनाव आयोग के एसआईआर पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची की स्थिति, बूथ स्तर तक संगठन के पुनर्गठन और मजबूत उम्मीदवारों के चयन की प्रगति की समीक्षा की गई। मायावती ने खासतौर पर गरीबों, युवाओं, महिलाओं और कमजोर वर्गों के लोगों को उनके मताधिकार से वंचित होने से बचाने के लिए पार्टी स्तर पर लगातार प्रयास जारी रखने के निर्देश दिए। बसपा के केंद्रीय कैंप कार्यालय, माल एवेन्यू में हुई बैठक में उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और पंजाब में होने वाले चुनावों को लेकर भी संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की गई। मायावती ने एसआईआर के बाद पोलिंग बूथ स्तर तक पार्टी कमेटियों के पुनर्गठन का काम युद्धस्तर पर पूरा करने और सामने आई कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने पर जोर दिया। बसपा के मुताबिक, एसआईआर के बाद उत्तराखंड की मतदाता सूची से करीब नौ लाख नाम हटाए गए हैं। मायावती ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि विशेषकर गरीब, युवा, महिलाएं और कमजोर तबकों के लोग अपने संवैधानिक मताधिकार से वंचित न रह जाएं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए लगातार प्रयास करने के निर्देश दिए। मायावती ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार की कार्यशैली पर भी तीखा हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनहित और जनकल्याण के मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान देने के बजाय बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों के हितों के प्रति अधिक समर्पित दिखाई देती है। मायावती ने कहा कि बड़े पूंजीपतियों के धनबल के जरिए चुनावों को प्रभावित करने की कोशिशें भी एक अहम चुनावी मुद्दा हैं। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि चुनावी तैयारियों के दौरान इन मुद्दों को जनता के बीच प्रभावी ढंग से उठाया जाए। बैठक में बसपा संस्थापक कांशीराम की 9 अक्टूबर को होने वाली पुण्यतिथि की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
मायावती ने कहा कि पार्टी के जन्मदाता कांशीराम की पुण्यतिथि को पूर्व निर्देशों के अनुरूप पूरी मिशनरी भावना के साथ मनाया जाए। उन्होंने कहा कि यूपी-दिल्ली सीमा पर बसपा सरकार द्वारा स्थापित बहुजन प्रेरणा केंद्र में रखरखाव का सरकारी कार्य चल रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने पर किसी संभावित दुर्घटना को देखते हुए इस वर्ष वहां कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।
मायावती ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी मंडलों से बसपा कार्यकर्ता और समर्थक राजधानी लखनऊ पहुंचकर विशाल गुम्बद आकार के मान्यवर कांशीराम स्मारक स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। वहीं, अन्य राज्यों में पार्टी के लोग जोन स्तर पर खुली संगोष्ठियों का आयोजन कर कांशीराम को श्रद्धांजलि देंगे।
मायावती ने संगठन को चुनावी मोड में पूरी तरह सक्रिय करने और बूथ स्तर तक पार्टी की तैयारियों को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए उम्मीदवारों के चयन से लेकर मतदाता सूची और संगठनात्मक ढांचे को दुरुस्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।