नयी दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदान को राष्ट्र सेवा बताते हुए देश के सभी मतदाताओं, खास कर युवा मतदाताओं को 'लोकतंत्र के राजदूत' की भूमिका निभाने और साथी मतदाताओं को मतदान में भाग लेने के लिए प्रेरित करने की अपील की है।
श्री कुमार ने 16वें 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' की पूर्व संध्या पर शनिवार को देशवासियों के नाम संदेश में कहा कि आनेवाले समय में चुनाव आयोग युवाओं के लिए एक समर्पित, युवा-केंद्रित अभियान की शुरुआत करेगा, जो उन्हें निर्वाचन प्रक्रिया की स्पष्ट समझ देगा और आयोग की पहलों से सीधे जोड़ेगा। उन्होंने युवाओं से भ्रामक सूचनाओं, दुष्प्रचार और मनगढ़त बातों का मुकाबला करने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का भी आह्वान किया है।
उन्होंने कहा, ' मैं देश के सभी मतदाताओं, विशेषकर युवा मतदाताओं की भूमिका पर बल देना चाहता हूँ कि वे निश्चित रूप से मतदान करें, स्वयं लोकतंत्र के राजदूत बनें, और दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें। मैं अपने युवा मतदाताओं से आह्वान करता हूँ कि वे भ्रामक सूचनाओं, दुष्प्रचार और झूठे नैरेटिव के विरुद्ध नेतृत्व करें।"
मुख्य चुनाव आयुक्त ने देश के युवाओं से चुनावी प्रक्रियाओं तथा निर्वाचन आयोग की विभिन्न पहलों के प्रति पूरी तरह जागरूक रहने तथा अपने परिवार , मित्र और समाज के बीच सही जानकारी को सक्रिय रूप से पहुँचाने की अपील की। उन्हाेंने कहा कि देश विभिन्न जगहों पर बनाये गये मतदाता साक्षरता क्लब युवाओं में लोकतांत्रिक चेतना को सशक्त कर रहे हैं। इसी संदर्भ में केरल के पालक्काड के अट्टापडी जनजातीय क्षेत्र में युवाओं द्वारा घर-घर जाकर मतदाता पंजीकरण के प्रति लोगों को जागरूक करने और ओडिशा के बनमालीपुर, खुर्दा में निर्वाचन प्रक्रिया संबंधी जनजागरूकता अभियान का भी उल्लेख किया ।
उन्होंने मतदान को राष्ट्र सेवा का पहला कदम बताते हुए कहा कि देश के हर नागरिक को, जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हो, मतदाता जरूर बनना चाहिए और मतदान अवश्य करना चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, 'भारत निर्वाचन आयोग हमेशा अपने मतदाताओं के साथ था, है और रहेगा।'
चुनाव आयोग की स्थापना गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले, 25 जनवरी 1950 को हुई थी। वर्ष 2011 से इस तिथि को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने वर्ष 2025 को आयोग के लिए उपलब्धियों और नवाचारों का वर्ष बताया और कहा कि आयोग ने अपने नए और प्रभावी स्वरूप में न केवल मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित की और मतदान प्रक्रिया को प्रत्येक मतदाता के लिए अधिक सुगम बनाया। उन्होंने कहा कि आयोग ने निर्वाचन-संबंधी चुनौतियों का सफलतापूर्वक समाधान करते हुए निर्वाचन के प्रत्येक चरण को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाया है।
उन्होंने आयोग की हाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उसने देश के दूरस्थ कोनों से लेकर वैश्विक मंच तक अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है। इस वर्ष आयोग ने लगभग 30 महत्वपूर्ण पहलें कीं तथा उनका सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया। इनमें मतदाता सूचियों के शुद्धीकरण का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर), आयोग की संस्था आईआईआईडीईएम में , नई दिल्ली में सघन प्रशिक्षण के माध्यम से क्षमता निर्माण, 5000 से भी अधिक बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) और बीएलओ सुपरवाजरों का प्रशिक्षण, आयोग के एक एकीकृत डिजटल मंच ईसीआईनेट और ऐप का शुभारंभ, मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा सुविधा तथा प्रति मतदान केंद्र अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा निर्धारित करना जैसी प्रमुख पहलें शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि आयोग ने ईसीआईएनेट ऐप के माध्यम से नागरिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराई गयी हैं - जो आयोग की तकनीकी प्रतिबद्धता और प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है।
श्री कुमार ने एआईआर के महत्व पर बल देते हुए कहा कि शुद्ध मतदाता सूची मज़बूत लोकतंत्र की आधारशिला होती है। एसआईआर का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हो तथा हर अपात्र नाम सूची से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि इसे बिहार में सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है तथा वर्तमान में 12 राज्यों में यह सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। शेष राज्यों में भी इसे शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के बाद हुए बिहार विधानसभा चुनाव में मतदाता सहभागिता 67.13 प्रतिशत रही जो एक रिकार्ड है। जिसमें महिला मतदाताओं की रिकॉर्ड 71.78 प्रतिशत भागीदारी रही।
श्री कुमार ने कहा , 'आज भारत की मजबूत और पारदर्शी चुनाव प्रणाली ने वैश्विक मंच पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। भारत को अंतर-सरकारी संस्था इंटरनेशनल आईडीईए की अध्यक्षता सौंपा जाना हम सभी के लिए गर्व का विषय है, और मुझे भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में यह सम्मान स्वीकार करते हुए विशेष गौरव की अनुभूति हुई।"
उन्होंने इस संबोधन में 21 से 23 जनवरी, 2026 को आयोग द्वारा नयी दिल्ली में चुनावी प्रबंधन और चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के लिए वैश्विक सम्मेलन के आयोजित किये जाने का भी उल्लेख किया जो इस तरह का अब तक का सबसे बड़ा सम्मेलन है। इस ऐतिहासिक सम्मेलन में 70 से अधिक देशों के चुनाव प्रबंधन संस्थानों के प्रमुखों एवं वरिष्ठ अधिकारियों, साथ ही कई देशों के राजदूतों ने भाग लिया।