नई दिल्ली(एजेंसी) : केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव मंगलवार को फिजी के नाडी पहुंचे। वह ऑस्ट्रेलिया और फिजी की सह-मेजबानी में होने वाली प्री-COP बैठक में हिस्सा लेंगे। यह बैठक अगले महीने तुर्की में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा सम्मेलन (UNFCCC) के COP31 से पहले आयोजित की जा रही है।
भूपेंद्र यादव COP31 के एजेंडे से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। इन बैठकों के दौरान वह जलवायु परिवर्तन से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर भारत का पक्ष रखेंगे।
यादव ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि वह फिजी के नाडी पहुंच गए हैं और अगले कुछ दिनों में द्विपक्षीय तथा बहुपक्षीय बैठकों के दौरान COP31 से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत के विचार रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी घरेलू नीतियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए सक्रिय जलवायु कार्रवाई के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका बनाई है।
पिछले महीने यादव ने नई दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने फिजी में होने वाली प्री-COP बैठक और तुर्की में होने वाले COP31 की प्रमुख प्राथमिकताओं पर चर्चा की थी।
क्रिस बोवेन UNFCCC के तहत COP31 वार्ताओं के अध्यक्ष की भूमिका भी निभा रहे हैं।
बैठक के बाद यादव ने X पर कहा था कि उन्होंने COP31 की वार्ताओं के अध्यक्ष और ऑस्ट्रेलिया के जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन के साथ आगामी प्री-COP और COP31 के प्रमुख एजेंडा मुद्दों पर चर्चा की।
यादव ने कहा था कि बैठक के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में भारत की जलवायु कार्रवाई की उपलब्धियों को भी सामने रखा। उन्होंने यह भी कहा कि COP31 वार्ताओं की अध्यक्षता में ऑस्ट्रेलिया की भूमिका के लिए भारत ने अपना सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
बोवेन ने कहा था कि वैश्विक जलवायु और ऊर्जा नीति के भविष्य को तय करने में भारत की आवाज महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार से यह दिखता है कि स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव आर्थिक समृद्धि के साथ आगे बढ़ सकता है।
नई दिल्ली में आयोजित ‘पार्टनर्स इन ग्रीन ट्रांजिशन: एडवांसिंग एम्बिशन, एक्शन एंड पार्टनरशिप्स फॉर COP31’ नामक प्री-COP संवाद को संबोधित करते हुए बोवेन ने कहा था कि वैश्विक जलवायु चर्चा में भारत का अनुभव महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया के देश अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं को लागू करने की गति बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।