मुंबई: महाराष्ट्र ने सोमवार को देश के अन्य राज्यों के साथ कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर एक दिन का राजकीय शोक मनाया। शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी का रविवार को निधन हो गया था, जिसके बाद भारत सरकार ने सोमवार को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। महाराष्ट्र, केरल और नई दिल्ली से सामने आई तस्वीरों में कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर राष्ट्रपति भवन सहित विभिन्न सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका हुआ दिखाई दिया।
नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा। वहीं, मुंबई स्थित मंत्रालय तथा केरल के सरकारी भवनों पर भी तिरंगा आधा झुकाकर श्रद्धांजलि दी गई। केरल के लिए यह शोक विशेष महत्व रखता है, क्योंकि राज्य का बड़ा प्रवासी समुदाय खाड़ी देशों से जुड़ा है और वहां के साथ उसके घनिष्ठ आर्थिक एवं जन-से-जन संबंध हैं।
भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप केरल सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जिन सरकारी भवनों और संस्थानों पर नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, वहां इसे आधा झुकाया जाए।
जिला कलेक्टरों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के सभी सरकारी कार्यालयों को राष्ट्रीय शोक की जानकारी देने तथा भारतीय ध्वज संहिता के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा, "भारत सरकार ने कतर के फादर अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के सम्मान में 13 जुलाई को एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। इस दिन पूरे भारत में उन सभी सरकारी और अन्य भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा, जहां नियमित रूप से तिरंगा फहराया जाता है। साथ ही, इस दिन कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।"
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू जल्द ही कतर जा सकते हैं, जहां वह भारत सरकार की ओर से शोक संवेदनाएं व्यक्त करेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शेख हमद एक दूरदर्शी नेता थे, जिनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को हासिल किया। उन्होंने उन्हें भारत का सच्चा मित्र भी बताया।
शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी ने वर्ष 1995 से 2013 तक कतर के अमीर के रूप में शासन किया। वर्ष 2013 में उन्होंने सत्ता अपने पुत्र शेख तमीम बिन हमद अल-थानी को सौंप दी।