Monday, July 27, 2026
BREAKING
पंजाब स्टेट फूड कमीशन के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने न्यूट्रिशन गार्डनों की नियमित निगरानी और तकनीकी सुधार के दिए निर्देश भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 6 महीनों में 14,032 मरीजों को श्वसन संबंधी बीमारियों का कैशलेस इलाज, 37.30 करोड़ रूपये के उपचार व्यय का वहन लोकसभा में जितेंद्र सिंह ने पेश किया पेपर लीक विरोधी बिल, स्पीकर बोले- 'ये सुधार का प्रथम कदम' गुरु केवल शिक्षा नहीं, जीवन को दिशा भी देते हैं, गुरुजनों के आदर्शों को जीवन में उतारें : योगी आदित्यनाथ नेपाल में फिर सड़कों पर उतरे जेन-जी, एमबीएस पेपर लीक को लेकर सड़कों पर दिखा छात्रों का आक्रोश 'इंडियन आइडल 16' की विजेता ज्योतिर्मयी ने बांधे अरिजीत सिंह की तारीफों के पुल, बोलीं-'उनकी आवाज सुकून देती है' 'ऑपरेशन सफेद सागर' में प्राजक्ता कोली के साथ दिखेगी नई केमिस्ट्री : मिहिर आहूजा चेहरे की चमक से लेकर बालों की मजबूती तक, बादाम का तेल है कुदरती ब्यूटी टॉनिक 'काला हिरण' पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त: सोशल मीडिया से टीजर हटाने का निर्देश, अमित जानी को लगाई फटकार बालों के झड़ने से है परेशान, जानें तेल लगाने का सही समय और तरीका

पंजाब

भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 6 महीनों में 14,032 मरीजों को श्वसन संबंधी बीमारियों का कैशलेस इलाज, 37.30 करोड़ रूपये के उपचार व्यय का वहन

27 जुलाई, 2026 05:55 PM

चंडीगढ़ : सांस फूलने को अक्सर सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लगातार रहने वाली खांसी को मौसम का असर मान लिया जाता है और सीने में घरघराहट को तब तक गंभीरता से नहीं लिया जाता, जब तक सीढ़ियां चढ़ना भी कठिन न हो जाए। तब तक अनेक मरीज फेफड़ों की गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो चुके होते हैं, जिसके उपचार के लिए लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है या बड़ी थोरेसिक सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है।

मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) के अंतर्गत पंजाब के ताजा उपचार संबंधी आंकड़े बताते हैं कि फेफड़ों की पुरानी बीमारियां अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं। अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने वाले मरीजों का बड़ा हिस्सा राज्य के कामकाजी आयु वर्ग से संबंधित है, जो यह दर्शाता है कि श्वसन संबंधी बीमारियां स्वास्थ्य के साथ-साथ आर्थिक बोझ भी तेजी से बढ़ा रही हैं।

अमेरिका के नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टीट्यूट के अनुसार, फेफड़ों की पुरानी बीमारियां धीरे-धीरे विकसित होती हैं और अपने आप ठीक नहीं होतीं। जितनी जल्दी इनकी पहचान हो जाए, फेफड़ों को होने वाले नुकसान को उतनी ही आसानी से रोका जा सकता है। दवाओं और पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन से लाभ मिलता है, जबकि गंभीर मामलों में थोरेसिक सर्जरी जीवनरक्षक साबित हो सकती है। ऐसे मामलों में उपचार में देरी करना कभी भी उचित नहीं होता। दुर्भाग्यवश, उपचार का खर्च वहन न कर पाने के कारण अनेक मरीज इलाज टालते रहते हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए), पंजाब द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 8 जनवरी से 21 जुलाई 2026 के बीच 14,032 लोगों ने फेफड़ों की पुरानी बीमारियों तथा थोरेसिक सर्जरी/श्वसन संबंधी उपचार का लाभ प्राप्त किया। इन उपचारों पर 37.30 करोड़ रूपये की कैशलेस राशि का भुगतान किया गया। इन आंकड़ों के पीछे उन हजारों मरीजों की कहानी है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती होने से पहले लाखों रुपये की व्यवस्था करने की चिंता नहीं करनी पड़ी। यही इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता है।

आंकड़ों के अनुसार 36 से 60 वर्ष आयु वर्ग में 5,559 उपचार के मामले दर्ज किए गए, जबकि 60 वर्ष से अधिक आयु के 5,659 वरिष्ठ नागरिकों ने भी अस्पताल में उपचार प्राप्त किया। ये दोनों आयु वर्ग मिलकर योजना के अंतर्गत हुए कुल श्वसन संबंधी उपचारों के 80 प्रतिशत से अधिक मामलों में शामिल रहे। इसके अतिरिक्त 2,522 युवा वयस्कों तथा 292 बच्चों ने भी श्वसन संबंधी उपचार प्राप्त किया।

लिंग आधारित आंकड़ों के अनुसार 8,345 पुरुषों का 22.79 करोड़ रूपये की लागत से उपचार किया गया, जबकि 5,684 महिलाओं को 14.50 करोड़ रूपये के उपचार का लाभ मिला। इसके अतिरिक्त 'अन्य' लिंग श्रेणी के तीन लाभार्थियों ने भी योजना के अंतर्गत कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।

मासिक आंकड़े दर्शाते हैं कि रिपोर्टिंग अवधि के दौरान विशेष श्वसन संबंधी सेवाओं की मांग लगातार बनी रही। उपचार के मामलों की संख्या जनवरी में 1,332 से बढ़कर अप्रैल में 2,509 हो गई, जो छह महीनों में सर्वाधिक रही। हालांकि जून में 2,004 मामले दर्ज किए गए, लेकिन उपचार पर कुल 6.73 करोड़ रूपये खर्च किए गए, जो सबसे अधिक था। इससे स्पष्ट होता है कि योजना के अंतर्गत अधिक जटिल और महंगे श्वसन संबंधी उपचार भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “ये आंकड़े श्वसन संबंधी बीमारियों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करते हैं। लोग लगातार रहने वाली खांसी या सांस फूलने को अक्सर अस्थायी समस्या अथवा बढ़ती उम्र का सामान्य लक्षण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। दुर्भाग्यवश, फेफड़ों की पुरानी बीमारियां धीरे-धीरे और बिना स्पष्ट लक्षणों के बढ़ती रहती हैं। जब तक अनेक मरीज चिकित्सकीय सहायता लेते हैं, तब तक फेफड़ों को गंभीर क्षति पहुंच चुकी होती है। सांस फूलने की समस्या को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर उपचार से फेफड़े, जीवन और आजीविका—तीनों को बचाया जा सकता है।”

स्वास्थ्य मंत्री ने विशेष रूप से धूम्रपान करने वालों, औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों तथा धूल और प्रदूषण के संपर्क में रहने वाले लोगों से अपील की कि यदि लक्षण लगातार बने रहें तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने तंबाकू से दूर रहने, प्रदूषित वातावरण के संपर्क को कम करने तथा श्वसन संबंधी पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच कराने पर भी जोर दिया।

समय पर बीमारी की पहचान, तंबाकू का सेवन छोड़ना, वायु प्रदूषण के संपर्क को कम करना, कार्यस्थल पर सुरक्षा उपाय अपनाना तथा समय पर उचित चिकित्सकीय उपचार प्राप्त करना फेफड़ों की पुरानी बीमारियों की रोकथाम और बड़ी थोरेसिक सर्जरी की आवश्यकता से बचने के सबसे प्रभावी उपाय हैं।

Have something to say? Post your comment

और पंजाब खबरें

पंजाब स्टेट फूड कमीशन के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने न्यूट्रिशन गार्डनों की नियमित निगरानी और तकनीकी सुधार के दिए निर्देश

पंजाब स्टेट फूड कमीशन के चेयरमैन बाल मुकंद शर्मा ने न्यूट्रिशन गार्डनों की नियमित निगरानी और तकनीकी सुधार के दिए निर्देश

पंजाब में शिक्षा क्रांति की बड़ी मिसाल : मोहाली में NEET पास 882 सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों और अभिभावकों का सम्मान

पंजाब में शिक्षा क्रांति की बड़ी मिसाल : मोहाली में NEET पास 882 सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों और अभिभावकों का सम्मान

राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने का सपना महज 'मुंगेरी लाल का सपना' : तरुण चुघ

राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने का सपना महज 'मुंगेरी लाल का सपना' : तरुण चुघ

सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर कांग्रेस की एकजुटता फिर सवालों के घेरे में, हाईकमान के अलग-अलग पहुंचने से छिड़ी चर्चा

सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर कांग्रेस की एकजुटता फिर सवालों के घेरे में, हाईकमान के अलग-अलग पहुंचने से छिड़ी चर्चा

LADC विवाद ने पकड़ा तूल! पंजाब में वकीलों ने किया भूख हड़ताल का ऐलान

LADC विवाद ने पकड़ा तूल! पंजाब में वकीलों ने किया भूख हड़ताल का ऐलान

तरुण चुग गृह मंत्रालय की खास समिति में शामिल, पंजाब में खुशी की लहर

तरुण चुग गृह मंत्रालय की खास समिति में शामिल, पंजाब में खुशी की लहर

खतरे के निशान के पास पहुंचा रणजीत सागर डैम का जलस्तर! अलर्ट पर प्रशासन

खतरे के निशान के पास पहुंचा रणजीत सागर डैम का जलस्तर! अलर्ट पर प्रशासन

पावर कारपोरेशन के कर्मचारी किसानों और आम जनता के लिए परेशानी का कारण न बनें; हड़ताल वापस लें, सरकार बातचीत के लिए हमेशा तैयार: अमन अरोड़ा

पावर कारपोरेशन के कर्मचारी किसानों और आम जनता के लिए परेशानी का कारण न बनें; हड़ताल वापस लें, सरकार बातचीत के लिए हमेशा तैयार: अमन अरोड़ा

गैंगस्टरां ते वार का 187वां दिन: पंजाब पुलिस ने 532 स्थानों पर की छापेमारी, 353 काबू

गैंगस्टरां ते वार का 187वां दिन: पंजाब पुलिस ने 532 स्थानों पर की छापेमारी, 353 काबू

बड़ी आतंकी साजिश नाकाम; जालंधर से बब्बर खालसा इंटरनेशनल का संचालक विस्फोटक सामग्री से लैस आईईडी सहित गिरफ्तार

बड़ी आतंकी साजिश नाकाम; जालंधर से बब्बर खालसा इंटरनेशनल का संचालक विस्फोटक सामग्री से लैस आईईडी सहित गिरफ्तार