पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि बीजेपी के पास विपक्ष के सवालों का कोई जवाब नहीं है, इसीलिए सरकार तानाशाही पर उतर आई है। हुड्डा विधानसभा सत्र के पहले दिन का समापन होने के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरकार कानून व्यवस्था, गुरूग्राम में जलभराव है, किसानों व नौजवानों के मुद्दों पर पूरी तरह चुप है। पूरे प्रदेश के सफाई कर्मी आंदोलनरत हैं और शहरों में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। लेकिन सरकार आंखें बंद किए बैठी है। जब इन सब मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया तो सरकार ने विधायकों बेइज्जत किया व उनके साथ धक्का-मुक्की की। यहां तक कि मेरे कपड़े फाड़े गए और कई विधायकों को चोटें आईं।
कांग्रेस विधायकों को वहां रोका गया, जहां पार्किंग है, यहां पंजाब विधानसभा की भी एंट्री है। लेकिन हैरानी की बात है कि हरियाणा के विधायकों को वहां नहीं आने दिया गया। हमने जब स्पीकर से इसके बारे में पूछा कि क्या पुलिस ने आपके आदेश से ये सब किया, तो मुख्यमंत्री ने हमें गुंडा कहकर संबोधित किया।
जनप्रतिनिधियों के बारे में ऐसी भाषा बेहद निंदनीय है। मुख्यमंत्री को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। पूरे प्रकरण में स्पीकर की भूमिका भी तानाशाही वाली थी। जबकि उनका काम विधायकों को संरक्षण देना होता है, ना कि सरकार का साथ देना। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए काम रोको व ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लेकर आ रही थी, लेकिन सरकार चर्चा से भागती नजर आई। हमारे विधायकों को नेम किया गया और उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई।