बठिंडा : बरनाला लाठीचार्ज कांड के विरोध में सफाई सेवकों द्वारा किए गए पंजाब बंद के आह्वान के तहत बठिंडा के सभी मुख्य बाजार बंद रहे। सफाई सेवकों व सीवरेज वर्करों ने अन्य सहयोगी संगठनों के साथ सडक़ों पर उतरकर रोष मार्च किया जबकि फायर ब्रिगेड चौक पर सरकार का पुतला फूंककर रोष प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान व्यापार मंडल के अलावा शहर की समाजसेवी संस्थाओं व कुछ राजनीतिक लोगों ने भी प्रदर्शन में शिरकत की। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सफाई सेवक लोगों द्वारा फैलाई गई गंदगी को साफ करके लोगों को एक स्वस्थ जीवन जीने का रास्ता प्रदान करता है लेकिन सरकारों की ओर से सफाई सेवकों के मसलों की जमकर अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान इन सफाई सेवकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर काम किया व तब इनको कोरोना वॉरियर कहकर सम्मानित किया गया। लेकिन अब सरकार सफाई सेवकों व सीवरेज वर्करों की बात सुनने को भी तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि बरनाला में सफाई सेवक महिलाओं पर पुलिस प्रशासन की ओर से वहशीआना ढंग से लाठीचार्ज किया गया व उन्हें गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपने हकों के लिए आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है।
ऐसे में पुलिस प्रशासन द्वारा दिखाई गई बर्बरता को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। सफाई सेवक यूनियन के प्रधान विनोद कुमार ने मांग की कि महिलाओं पर लाठीचार्ज करने वाले डीएसपी व थाना प्रभारी को नौकरी से निकाला जाए ताकि आगे से कोई भी पुलिस मुलाजिम महिलाओं पर लाठियां बरसाने से गुरेज करे। इसके साथ ही वायदे के अनुसार सभी प्रकार के सफाई सेवकों व सीवरेज कर्मियों को विभाग में पक्का किया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक न केवल संघर्ष को जारी रखा जाएगा बल्कि आने वाले दिनों में इसे और तेज किया जाएगा।