बठिंडा : नशा तस्करी के खिलाफ जारी अभियान के तहत बठिंडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 किलो 100 ग्राम अफीम के साथ दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया है। सीआईए स्टाफ-2 और इंटेलिजेंस विंग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई करते हुए तस्करी में इस्तेमाल की जा रही हुंडई वर्ना कार भी जब्त कर ली। प्रारंभिक जांच में अफीम की सप्लाई का तार झारखंड से जुड़ने की बात सामने आई है, जिसके बाद पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
कप्तान पुलिस (सिटी) नरेंद्र सिंह पीपीएस ने बताया कि एसएसपी डॉ. जयती यादव आईपीएस के निर्देशों पर नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत सीआईए स्टाफ-2 और इंटेलिजेंस विंग की टीम ने बठिंडा-बरनाला रोड पर गांव जेठूके बस स्टैंड के सामने नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की हुई थी।
इसी दौरान बरनाला की ओर से आ रही हुंडई वर्ना कार (पीबी-60डी-8338) को रोकने का संकेत दिया गया। पुलिस के अनुसार चालक घबरा गया और कार बीच सड़क पर बंद हो गई। शक होने पर डीएसपी कुलदीप सिंह की मौजूदगी में एनडीपीएस एक्ट के तहत तलाशी ली गई, जिसमें कार की डिक्की से 4 किलो 100 ग्राम अफीम बरामद हुई।
पूछताछ में सामने आया दूसरा नाम, तुरंत दबोचा गया साथी
पुलिस ने कार चालक बलराज शर्मा उर्फ बब्बलू (39) निवासी गांव फूल को मौके पर गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह अफीम की खेप राज कुमार उर्फ मंदर (75) निवासी जनता कॉलोनी, रामपुरा तक पहुंचाने जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया और मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा-25 भी जोड़ दी।
झारखंड से चल रहा था सप्लाई चैन, बड़े नेटवर्क की तलाश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में दोनों आरोपियों ने दावा किया है कि अफीम की सप्लाई झारखंड से की जा रही थी। अब जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा पंजाब में नशे की खेप किस माध्यम से पहुंचाई जा रही थी। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जा रहा है, ताकि पूछताछ के दौरान नशा तस्करी के बड़े गिरोह और सप्लायरों तक पहुंचा जा सके।
पहले भी एनडीपीएस मामलों में नामजद रहा है एक आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से एक के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। ऐसे में पुलिस उसके पुराने नेटवर्क और संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान कई अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।