पटियाला : पंजाब सरकार की ओर से प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष सफाई अभियान के चौथे दिन मंगलवार को पटियाला ग्रामीण क्षेत्र में भी सफाई अभियान चलाया गया। त्रिपड़ी मोड़ पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने स्वयं सफाई अभियान में हिस्सा लिया और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया। पंजाब सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पंजाब सरकार का सफाई अभियान नेक नीयत और जनभागीदारी पर आधारित प्रयास है। सरकार और प्रशासन अपने स्तर पर सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास कर सकते हैं, लेकिन आम लोगों की भागीदारी के बिना किसी भी शहर को पूरी तरह स्वच्छ बनाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, पार्षदों और अधिकारियों को भी केवल लोगों को स्वच्छता का संदेश देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें खुद मैदान में उतरकर सफाई अभियान में हिस्सा लेना चाहिए, ताकि लोगों के बीच सकारात्मक संदेश जाए। यदि नेता और अधिकारी केवल भाषण दें और खुद सफाई अभियान में शामिल न हों तो उसका प्रभाव सीमित रह जाता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अगर पटियाला को दोबारा “बागों का शहर” के रूप में पहचान दिलानी है तो इसकी शुरुआत हर व्यक्ति को अपने घर से करनी होगी। पहले घर, फिर गली और मोहल्ला और उसके बाद पूरा शहर साफ होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है, जबकि आसपास जमा गंदगी कई बीमारियों को बढ़ावा दे सकती है।
डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से पंजाब सरकार की ‘अहम सेवा’ ऐप के माध्यम से सफाई और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की शिकायत दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में कूड़े के ढेर, मच्छरों की भरमार, सीवरेज की समस्या, गंदा या जमा पानी, असुरक्षित इमारत, अस्पतालों के आसपास गंदगी या अन्य समस्या दिखाई देती है तो लोग उसकी तस्वीर लेकर ऐप पर अपलोड कर सकते हैं।
मंत्री के मुताबिक तस्वीर के साथ जियो-टैग लोकेशन भी दर्ज होगी, जिससे संबंधित विभाग को समस्या वाले स्थान की जानकारी मिल जाएगी और कार्रवाई के लिए टीम भेजी जा सकेगी। जिन लोगों के पास ऐप का इस्तेमाल करने की सुविधा नहीं है, वे हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने की अपील करते हुए कहा कि बाजार जाते समय कपड़े या जूट के थैलों का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने प्लास्टिक की बोतलों और गिलास का उपयोग कम करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि माइक्रोप्लास्टिक मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक है और इसका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक पड़ सकता है। हम पर्यावरण का ध्यान रखेंगे तो प्रकृति भी हमारा ध्यान रखेगी।
सफाई अभियान के चार दिन पूरे होने के बाद लोगों में जागरूकता को लेकर डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि अभियान का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर से लोगों के फोन आ रहे हैं और सामूहिक रूप से चलाए जा रहे अभियान से समाज में नई चेतना पैदा हो रही है।
उन्होंने कहा कि यदि नागरिक जिम्मेदारी और जागरूकता के साथ काम करें तो सफाई के साथ-साथ नशे, शिक्षा, रोजगार और अन्य सामाजिक समस्याओं से निपटने में भी मदद मिल सकती है।