चंडीगढ़ : पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को कहा कि उसने 2027 पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर विचार-विमर्श, प्रस्ताव पारित करने और रणनीति बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह निर्णय संगरूर कस्बे में पार्टी की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिया गया। राज्य भाजपा महासचिव अनिल सरीन ने बताया कि राज्य कार्यकारिणी समिति द्वारा लिए गए निर्णयों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने राज्य से जुड़े प्रमुख मुद्दों, जिनमें नशीली दवाओं, भ्रष्टाचार और अपराध शामिल हैं, को प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया है। इन मुद्दों को अपने एजेंडे के केंद्र में रखते हुए पार्टी जनता से संपर्क मजबूत करने, लोगों की समस्याओं को समझने और पंजाब के भविष्य के संबंध में अपने विचारों और नीतियों को जनता तक पहुंचाने के लिए गतिविधियां चलाएगी।
अनिल सरीन ने कहा कि भाजपा के 36 संगठनात्मक जिलों में 19 अक्टूबर तक जिलास्तरीय बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसके बाद 22 से 24 अक्टूबर तक मंडलस्तरीय बैठकें होंगी। इनका मुख्य उद्देश्य पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को आगामी राज्य चुनावों के लिए हुई चर्चाओं, पारित प्रस्तावों और तैयार की गई रणनीति से अवगत कराना है।
उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर अंतिम रूप दिए गए कार्यक्रमों और नीतियों को जिला, मंडल और बूथ स्तर तक पहुंचाने के लिए संगठन को सक्रिय किया जा रहा है।
इन बैठकों के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी और जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक ढांचा तैयार किया जाएगा।
इस बीच, पार्टी विधायक अश्वनी शर्मा ने मानसा में नशीली दवाओं के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस हत्या के मामले ने पूरे पंजाब में आक्रोश पैदा कर दिया है।
भाजपा नेता ने कहा, “लोग अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं और जनता पंजाब सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री भगवंत मान से जवाब मांग रही है, हालांकि जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय मुख्यमंत्री फ्रांस की यात्रा पर निकल पड़े हैं। इससे पता चलता है कि मुख्यमंत्री इस मामले को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं और केवल दिखावा कर रहे हैं।”
शर्मा ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री मान विदेश यात्रा पर जाने के बजाय जनता के सवालों का जवाब देते तो बेहतर होता।