Monday, June 29, 2026
BREAKING
मोदी सरकार ने ओबीसी वर्ग के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं : डा. अर्चना गुप्ता सब-हेडिंग: 590 करोड़ के घोटाले में नए खुलासे बेहद गंभीर, जनता के धन की सुरक्षा पर सरकार दे जवाब : राव नरेंद्र सिंह पीएम मोदी मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से लगातार देशवासियों को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक कर रहे हैं: मोहन लाल बड़ौली युवाओं की आवाज़ को दबाने के बजाय सरकार संवाद करे : कुमारी सैलजा अम्बाला छावनी में अनिल विज ने सुनी पीएम मोदी की 135वीं 'मन की बात' भाजपा सरकार बनेगी उसी दिन नशा बेचने वाले पंजाब छोड़कर चले जाएगें : नायब सिंह सैनी हरियाणा के इन कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब दोबारा तय होगी पेंशन... बढ़ कर मिलेगा पैसा! CM सैनी का अल्टीमेटम, '30 जून तक हर हाल में साफ हों बड़े नाले....लापरवाही पर नपेंगे अफसर' धान घोटाला: यूनाइटेड फूड राइस मिल के मालिक नसीब सिंह गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल...2.47 करोड़ की रिकवरी शर्मनाक: 12 घंटे के इलाज का बिल 1.50 लाख, भुगतान न होने पर निजी अस्पताल ने रोका मासूम का शव

पंजाब

पंजाब का सार्वभौमिक स्वास्थ्य मॉडल आयुष्मान भारत से बेहतर, बिना शर्त हर परिवार को कवरेज

23 मार्च, 2026 08:09 PM

चंडीगढ़ : जब बढ़ती चिकित्सा लागत देशभर के परिवारों को आर्थिक दबाव में धकेल रही है, ऐसे समय में स्वास्थ्य सेवाओं के वित्तपोषण और वितरण के मॉडल में स्पष्ट अंतर सामने आ रहा है। जहां केंद्र की आयुष्मान भारत योजना 140 करोड़ की आबादी के लिए ₹9,500 करोड़ का प्रावधान करती है, वहीं पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल 3 करोड़ निवासियों के लिए ₹2,000 करोड़ आवंटित करती है, यानी प्रति व्यक्ति लगभग दस गुना अधिक निवेश। यह अंतर केवल बजट का नहीं, सोच का है। जहां राष्ट्रीय योजना पात्रता और कवरेज दोनों को ₹5 लाख तक सीमित करती है, वहीं पंजाब का मॉडल बिना किसी शर्त हर निवासी को ₹10 लाख तक का कैशलेस उपचार सुनिश्चित करता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को लक्षित लाभ नहीं, बल्कि एक सुनिश्चित अधिकार के रूप में स्थापित किया है, जहां इलाज का आधार सूची में नाम नहीं, बल्कि वास्तविक आवश्यकता है।

अधिकांश भारतीय परिवारों के लिए किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति के साथ दो प्रश्न तुरंत खड़े होते हैं, इलाज कितनी जल्दी शुरू होगा और खर्च कैसे उठाया जाएगा। इन दोनों चिंताओं का समाधान करते हुए पंजाब सरकार ने 2026-27 के बजट में मुख्यमंत्री सेहत योजना के लिए ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया है, जिसके तहत 65 लाख परिवारों के लगभग 3 करोड़ निवासियों को प्रति परिवार ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर दिया जा रहा है।

आयुष्मान भारत जैसी लक्षित योजनाओं के विपरीत, पंजाब का यह मॉडल सार्वभौमिक कवरेज पर आधारित है, जिसमें किसी भी प्रकार की पात्रता बाधा नहीं है। दोनों दृष्टिकोणों का अंतर बुनियादी है। मुख्यमंत्री सेहत योजना यह नहीं पूछती कि कौन पात्र है। पंजाब का हर निवासी इसमें शामिल है, आय की परवाह किए बिना। इसके विपरीत, 2026 में शुरू हुई आयुष्मान भारत योजना केवल उन परिवारों तक सीमित है जिन्हें एसईसीसी डाटाबेस में आर्थिक रूप से कमजोर के रूप में चिन्हित किया गया है। जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा, विशेषकर वे निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के परिवार जो इस डेटाबेस में शामिल नहीं हैं, अब भी इसके दायरे से बाहर है। कवरेज का दायरा भी इस अंतर को और स्पष्ट करता है।

आयुष्मान भारत शुरू से ही प्रति परिवार ₹5 लाख तक सीमित है और बढ़ती चिकित्सा लागत के बावजूद इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके मुकाबले मुख्यमंत्री सेहत योजना इस सीमा को दोगुना कर ₹10 लाख तक ले जाती है और उन परिवारों को भी सुरक्षा देती है जो पहले सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के दायरे से बाहर थे। वित्तीय प्रतिबद्धता भी इसी प्राथमिकता को दर्शाती है। जहां केंद्र 140 करोड़ लोगों के लिए ₹9,500 करोड़ खर्च कर रहा है, वहीं पंजाब 3 करोड़ निवासियों के लिए ₹2.000 करोड़ निवेश कर रहा है, जो प्रति व्यक्ति कहीं अधिक है और व्यापक, सुलभ स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संकेत है।

मुख्यमंत्री सेहत योजना उपचार के दायरे का भी विस्तार करती है। लाभार्थी 2,300 उपचार पैकेजों के तहत हृदय रोग, कैंसर, गुर्दा रोग, अस्थि संबंधी उपचार और दुर्घटना से जुड़ी गंभीर स्थितियों सहित अनेक बीमारियों का कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकते हैं। इसके मुकाबले आयुष्मान भारत लगभग 1,900 पैकेजों तक सीमित है। स्पष्ट है कि यहां इलाज का निर्णय चिकित्सा आवश्यकता से होता है, न कि आर्थिक क्षमता से। योजना तक पहुंच की प्रक्रिया भी एक बड़ा बदलाव दर्शाती है।

आयुष्मान भारत में पहले यह जांचना पड़ता है कि परिवार का नाम एसईसीसी सूची में है या नहीं, औ सूची से बाहर परिवारों को पात्रता साबित करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज संबंधी कार्यवाही से गुजरना पड़ता है। इसके विपरीत, मुख्यमंत्री सेहत योजना इस प्रक्रिया को सरल बनाती है। निवासी सेवा केंद्रों या कॉमन सर्विस सेंटरों पर जाकर, या आधार या वोटर आईडी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, बिना आय या पेशे के प्रमाण के।

व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित युवा क्लब सदस्य घर-घर जाकर लोगों को पंजीकरण में सहायता दे रहे हैं और सेहत कार्ड उनके घर तक पहुंचा रहे हैं। इसका प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मोगा में 98 वर्षीय महिला मुख्तियार कौर को इस योजना के तहत कीमोथेरेपी सहित विशेष उपचार पूरी तरह कैशलेस मिला। इस उम्र में जहां निरंतर चिकित्सा देखभाल अत्यंत आवश्यक होती है, वहां सेहत कार्ड ने यह सुनिश्चित किया कि इलाज बिना किसी देरी और आर्थिक दबाव के शुरू हो सके।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सेहत योजना इस सिद्धांत पर आधारित है कि स्वास्थ्य सेवा हर नागरिक तक पहुंचनी चाहिए, न कि केवल चुनिंदा लोगों तक। प्रति व्यक्ति अधिक निवेश के माध्यम से पंजाब यह सुनिश्चित कर रहा है कि इलाज तक पहुंच पात्रता या आय नहीं, बल्कि आवश्यकता से तय हो।”
अब तक 9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं और लाभार्थी 900 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों के नेटवर्क में उपचार प्राप्त कर रहे हैं, जिससे राज्य भर में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच लगातार बढ़ रही है। ऐसे देश में जहां एक अस्पताल का बिल ही परिवारों को कर्ज में डाल सकता है, यह अंतर अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि वैचारिक है। एक मॉडल पात्रता के आधार पर सेवा को सीमित करता है, जबकि दूसरा इसे हर नागरिक का अधिकार बनाता है।

Have something to say? Post your comment

और पंजाब खबरें

उमस ने बढ़ाई लोगों की परेशानी, घरों से बाहर निकलना हुआ मुश्किल, कूलर और पंखे भी पड़े बेअसर

उमस ने बढ़ाई लोगों की परेशानी, घरों से बाहर निकलना हुआ मुश्किल, कूलर और पंखे भी पड़े बेअसर

पंजाब बोर्ड के हजारों Students के लिए खड़ी हुई मुसीबत, इस जरूरी काम ने बढ़ाई टेंशन

पंजाब बोर्ड के हजारों Students के लिए खड़ी हुई मुसीबत, इस जरूरी काम ने बढ़ाई टेंशन

गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना में जत्थेदार की मौजूदगी में हंगामा, तनावपूर्ण बना माहौल

गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना में जत्थेदार की मौजूदगी में हंगामा, तनावपूर्ण बना माहौल

हमारे सभी मंत्री और विधायक सोमवार को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

हमारे सभी मंत्री और विधायक सोमवार को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मार्च 2022 से मई 2026 के बीच विजिलेंस ब्यूरो ने 1,055 मामलों में 1,111 आरोपियों को किया गिरफ्तार

मार्च 2022 से मई 2026 के बीच विजिलेंस ब्यूरो ने 1,055 मामलों में 1,111 आरोपियों को किया गिरफ्तार

स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने संत कबीर दास जी के प्रकाश पर्व पर श्रद्धासुमन अर्पित किए

स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने संत कबीर दास जी के प्रकाश पर्व पर श्रद्धासुमन अर्पित किए

पंजाब, उत्तराखंड और मेघालय में इसी साल हो सकते हैं चुनाव, नवंबर में डाले जाएंगे वोट!

पंजाब, उत्तराखंड और मेघालय में इसी साल हो सकते हैं चुनाव, नवंबर में डाले जाएंगे वोट!

आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव अहूजा को थलसेना प्रमुख प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया

आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव अहूजा को थलसेना प्रमुख प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया

*एस.सी. बहुल गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए पंजाब सरकार ने जारी किए 72.21 करोड़ रुपये : डॉ. बलजीत कौर*

*एस.सी. बहुल गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए पंजाब सरकार ने जारी किए 72.21 करोड़ रुपये : डॉ. बलजीत कौर*

नशा मुक्त राज्य बनने की ओर बढ़ रहा पंजाब, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नशा छोड़ चुके नौजवानों को 'सूरमे' के रूप में किया सम्मानित

नशा मुक्त राज्य बनने की ओर बढ़ रहा पंजाब, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नशा छोड़ चुके नौजवानों को 'सूरमे' के रूप में किया सम्मानित