नई दिल्ली(एजेंसी) : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के पहले फ्लीट सपोर्ट पोत को नौसेना के बेड़े में शामिल करेंगे। करीब 43,500 टन वजनी यह पोत समुद्र में तैनात युद्धपोतों को ईंधन और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति करेगा। इससे भारतीय नौसेना के युद्धपोत लंबे समय तक समुद्र में तैनात रहकर अपने अभियानों को निर्बाध रूप से जारी रख सकेंगे।
युद्धपोतों को बार-बार तट पर लौटने की जरूरत नहीं
फ्लीट सपोर्ट पोत समुद्र में तैनात युद्धपोतों के लिए चलते-फिरते रसद केंद्र के रूप में काम करेगा। इसकी मदद से युद्धपोतों को ईंधन और अन्य आवश्यक सामग्री लेने के लिए बार-बार तट पर लौटने की जरूरत नहीं होगी। इससे भारतीय नौसेना के जहाज हिंद महासागर क्षेत्र में अधिक समय तक और ज्यादा दूर तक अभियान जारी रख सकेंगे।
हिंदुस्तान शिपयार्ड ने किया निर्माण
हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित यह भारतीय नौसेना का पहला फ्लीट सपोर्ट पोत है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इसके जलावतरण कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। इसी अवसर पर वह आंध्र प्रदेश से पांचवें फ्लीट सपोर्ट पोत की आधारशिला भी रखेंगे। यह कार्यक्रम देश में स्वदेशी युद्धपोत निर्माण क्षमता के विस्तार को भी रेखांकित करेगा।
बड़े और जटिल समुद्री पोतों के निर्माण की क्षमता बढ़ी
हिंदुस्तान शिपयार्ड की सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण से बड़े और जटिल समुद्री पोतों के निर्माण की क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। फ्लीट सपोर्ट पोत का निर्माण देश की बढ़ती स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता और समुद्री क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समुद्र में बढ़ेगी नौसेना की अभियान क्षमता
फ्लीट सपोर्ट पोतों का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि ये अग्रिम मोर्चे पर तैनात युद्धपोतों की अभियान क्षमता को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करते हैं। समुद्र में ही ईंधन और आवश्यक रसद उपलब्ध होने से नौसेना के जहाज अपने निर्धारित मिशन पर अधिक समय तक बने रह सकते हैं। इससे लंबी दूरी के समुद्री अभियानों के दौरान परिचालन निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और नौसेना प्रमुख भी रहेंगे मौजूद
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। रक्षा मंत्री इससे पहले विशाखापत्तनम में शीर्ष नौसैनिक कमांडर्स के साथ संवाद भी करेंगे।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल से सेना के वरिष्ठ अधिकारी की मुलाकात
इस बीच छत्तीसगढ़ और ओडिशा सब एरिया के कमांडर ब्रिगेडियर आर. शंकर ने रायपुर स्थित लोक भवन में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान राज्य और सैन्य प्रतिष्ठानों के बीच समन्वय से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री से पश्चिमी नौसेना कमान के प्रमुख की मुलाकात
पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वत्सायन ने 5 अक्टूबर को बेंगलुरु में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मुलाकात की। इस दौरान कारवार नौसैनिक अड्डे के विकास, रक्षा उद्योग और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग तथा राज्य में नागरिक-सैन्य समन्वय को मजबूत करने के अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया।