चंडीगढ़ : हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने वीरवार को हरियाणा सरकार और विधान सभा सचिवालय के अधिकारियों के साथ पंचकूला स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम का दौरा कर 2 नवंबर को आयोजित होने वाले जनप्रतिनिधि सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सम्मेलन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला तथा समापन सत्र में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष मुख्य अतिथि होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित प्रदेश के वर्तमान और पूर्व विधायक भी सम्मेलन में भाग लेंगे।
विधान सभा अध्यक्ष ने सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में गार्ड ऑफ ऑनर, सुरक्षा प्रबंध , सभागार की बैठक व्यवस्था, सत्रों के आयोजन, विशिष्ट अतिथियों के स्वागत एवं प्रवेश, पंजीकरण, समूह छायाचित्र, भोजन, जलपान और मीडिया प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम के सुचारू संचालन और अतिथियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तैयारियों की समीक्षा की।
इसके बाद उन्होंने सेक्टर-3 स्थित एक निजी होटल का दौरा कर सम्मेलन में शामिल होने वाले अतिथियों के ठहरने के लिए की जा रही आवास व्यवस्था का भी जायजा लिया। सम्मेलन की तैयारियों को लेकर बुधवार को भी विधान सभा सचिवालय में अधिकारियों की बैठकें हुईं, जिनमें आयोजन से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि जनप्रतिनिधि सम्मेलन का उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा संसदीय प्रणाली और लोकतांत्रिक परंपराओं को और अधिक सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को संविधान की भावना, लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का अवसर मिलता है।
गौरतलब है कि हरियाणा विधान सभा की ओर से 2 नवंबर से संविधान पखवाड़े का शुभारंभ किया जाएगा। इसके तहत लोक सभा के सहयोग से संविधान, संसदीय प्रणाली और लोकतांत्रिक परंपराओं से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जनप्रतिनिधि सम्मेलन इस आयोजन का प्रमुख हिस्सा है।
इस अवसर पर विधान सभा के सचिव डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, विधान सभा अध्यक्ष के सलाहकार राम नारायण यादव, पंचकूला के एडीसी विवेक आर्य, एसीपी सुरेंद्र सिंह तथा जिला के प्रशासन एवं पुलिस के अनेक अधिकारी मौजूद रहे।