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शिक्षा

छोटी संतान ही माता-पिता की अधिक होती है चहेती, पढ़ें पूरी जानकारी

19 जनवरी, 2025 04:18 PM

भले ही अभिभावक अपनी बेटियों और बात मानने वाले बच्चों का पक्ष अधिक लेते हों, पर आमतौर पर छोटी संतान ही मां-बाप की अधिक चहेती होती हैं। पारिवारिक गतिशीलता का विश्लेषण करने वाले अध्ययनों की समीक्षा में यह दावा किया गया है। हालांकि, बड़े बच्चों को अकसर अधिक स्वायत्तता दी जाती है, क्योंकि उम्र बढऩे के साथ माता-पिता कम नियंत्रण वाले हो जाते हैं। लगभग 19,500 प्रतिभागियों पर आधारित 30 अध्ययनों और 14 डाटाबेस की समीक्षा में यह पाया गया। समीक्षा के प्रमुख लेखक और अमरीका स्थित ब्रिघम यंग विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर अलेक्जेंडर जेन्सेन ने कहा कि दशकों से शोधकर्ता जानते हैं कि माता-पिता के पक्षपातपूर्ण व्यवहार का बच्चों पर स्थायी परिणाम हो सकता है।

यह समीक्षा ‘साइकोलॉजिकल बुलेटिन’ पत्रिका में प्रकाशित हुई है। जेन्सेन ने कहा कि यह अध्ययन हमें यह समझने में मदद करता है कि किन बच्चों को पक्षपात का शिकार होने की अधिक संभावना है, जो सकारात्मक और नकारात्मक दोनों हो सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, माता-पिता का पक्षपात, जिसमें माता-पिता एक बच्चे को दूसरे से अधिक पसंद करते हैं, कई तरीकों से व्यक्त हो सकता है जैसे कि वे बच्चों के साथ कैसे बातचीत करते हैं, उन पर कितना पैसा खर्च करते हैं या उन पर कितना नियंत्रण रखते हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग व्यवहार से विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है खासकर कम पसंदीदा बच्चे पर। इसके अलावा इससे तनावपूर्ण पारिवारिक रिश्ते भी पैदा हो सकते हैं। माता और पिता, दोनों के ही बेटियों का पक्ष लेने की अधिक संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि जब जन्म क्रम आधारित औसत की बात आती है, तो छोटे भाई-बहनों को कुछ हद तक तरजीह मिलती है।

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