Monday, March 23, 2026
BREAKING
अंतरराज्यीय नशा तस्करी के विरुद्ध बड़ी सफलता, 6.44 किलो चरस मामले में मुख्य सरगना गिरफ्तार हिमाचल में वित्तीय आपातकाल जैसे हालात, घटता बजट चिंता का विषय : संदीपनी भारद्वाज Himachal में बारिश बर्फबारी के आसार, तूफान-आसमानी बिजली का यलो अलर्ट जारी पंजाब पुलिस-बीएसएफ संयुक्त ऑपरेशन में पाकिस्तान ड्रग नेटवर्क ध्वस्त मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिया संकल्प : ‘बेअदबी’ के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा स्वामी दयानंद की विचारधारा से मिला स्वदेशी और स्वराज का मंत्र : औमप्रकाश धनखड़ मोदी की नीति का असर, ‘तेल की नस’ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे जहाजों पर राहत : अनिल विज आतंकवाद और नक्सलवाद को जड़मूल से समाप्त करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : नायब सिंह सैनी विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में हरियाणा निभा रहा अग्रणी भूमिका : नायब सैनी कुमारी सैलजा ने चौधरी भजनलाल की प्रतिमा का अनावरण, नगर निगम और सरकारी नीतियों पर उठाए सवाल

शिक्षा

छोटी संतान ही माता-पिता की अधिक होती है चहेती, पढ़ें पूरी जानकारी

19 जनवरी, 2025 04:18 PM

भले ही अभिभावक अपनी बेटियों और बात मानने वाले बच्चों का पक्ष अधिक लेते हों, पर आमतौर पर छोटी संतान ही मां-बाप की अधिक चहेती होती हैं। पारिवारिक गतिशीलता का विश्लेषण करने वाले अध्ययनों की समीक्षा में यह दावा किया गया है। हालांकि, बड़े बच्चों को अकसर अधिक स्वायत्तता दी जाती है, क्योंकि उम्र बढऩे के साथ माता-पिता कम नियंत्रण वाले हो जाते हैं। लगभग 19,500 प्रतिभागियों पर आधारित 30 अध्ययनों और 14 डाटाबेस की समीक्षा में यह पाया गया। समीक्षा के प्रमुख लेखक और अमरीका स्थित ब्रिघम यंग विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर अलेक्जेंडर जेन्सेन ने कहा कि दशकों से शोधकर्ता जानते हैं कि माता-पिता के पक्षपातपूर्ण व्यवहार का बच्चों पर स्थायी परिणाम हो सकता है।

यह समीक्षा ‘साइकोलॉजिकल बुलेटिन’ पत्रिका में प्रकाशित हुई है। जेन्सेन ने कहा कि यह अध्ययन हमें यह समझने में मदद करता है कि किन बच्चों को पक्षपात का शिकार होने की अधिक संभावना है, जो सकारात्मक और नकारात्मक दोनों हो सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, माता-पिता का पक्षपात, जिसमें माता-पिता एक बच्चे को दूसरे से अधिक पसंद करते हैं, कई तरीकों से व्यक्त हो सकता है जैसे कि वे बच्चों के साथ कैसे बातचीत करते हैं, उन पर कितना पैसा खर्च करते हैं या उन पर कितना नियंत्रण रखते हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग व्यवहार से विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है खासकर कम पसंदीदा बच्चे पर। इसके अलावा इससे तनावपूर्ण पारिवारिक रिश्ते भी पैदा हो सकते हैं। माता और पिता, दोनों के ही बेटियों का पक्ष लेने की अधिक संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि जब जन्म क्रम आधारित औसत की बात आती है, तो छोटे भाई-बहनों को कुछ हद तक तरजीह मिलती है।

Have something to say? Post your comment

और शिक्षा खबरें

सरहद से परे एक फौजी का प्यार: ‘बैटल ऑफ गलवान’ का गाना “मैं हूं”

सरहद से परे एक फौजी का प्यार: ‘बैटल ऑफ गलवान’ का गाना “मैं हूं”

आईएएनएस एक्सक्लूसिव : दक्षिण अफ्रीका और भारत के संबंध पर क्या बोले राजदूत अनिल सूकलाल?

आईएएनएस एक्सक्लूसिव : दक्षिण अफ्रीका और भारत के संबंध पर क्या बोले राजदूत अनिल सूकलाल?

पबित्रा मार्गेरिटा का सात दिवसीय तीन देशों का दौरा पूरा, द्विपक्षीय सहयोग की जताई प्रतिबद्धता

पबित्रा मार्गेरिटा का सात दिवसीय तीन देशों का दौरा पूरा, द्विपक्षीय सहयोग की जताई प्रतिबद्धता

कौशल विकास से किसानों की आय और आत्मनिर्भरता में बढ़ोतरी

कौशल विकास से किसानों की आय और आत्मनिर्भरता में बढ़ोतरी

दुनिया चाहे कुछ भी कहे हमें फर्क नहीं पड़ता

दुनिया चाहे कुछ भी कहे हमें फर्क नहीं पड़ता

अब मृतकों के आधार नंबर होंगे निष्क्रिय, UIDAI ने लिया अहम फैसला

अब मृतकों के आधार नंबर होंगे निष्क्रिय, UIDAI ने लिया अहम फैसला

जनता ने कहा, इस फिल्म में अभिषेक बच्चन की अब तक की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस

जनता ने कहा, इस फिल्म में अभिषेक बच्चन की अब तक की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस

देश की किशोरियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सरकार की एक नई पहल ‘नव्या’ की आज होगी शुरुआत

देश की किशोरियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सरकार की एक नई पहल ‘नव्या’ की आज होगी शुरुआत

खाद्य तेल की कीमतों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे : केंद्र सरकार

खाद्य तेल की कीमतों में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे : केंद्र सरकार

खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने देश भर में 11,480 सेवा क्षेत्र के लाभार्थियों को 300 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी

खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने देश भर में 11,480 सेवा क्षेत्र के लाभार्थियों को 300 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी