Tuesday, October 06, 2026
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बाज़ार

चीनी उत्पादन जनवरी के मध्य तक 22% बढ़कर 159 लाख टन: इस्मा

20 जनवरी, 2026 06:21 PM

नई दिल्ली : गन्ने की अधिक आपूर्ति और बेहतर पैदावार के चलते भारत का चीनी उत्पादन 2025-26 सत्र में 15 जनवरी तक सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 1.59 करोड़ टन हो गया है। उद्योग संगठन इस्मा ने मंगलवार को यह जानकारी दी। भारतीय चीनी एवं बायो-ऊर्जा विनिर्माता संघ (इस्मा) ने एक बयान में कहा कि पिछले साल इसी अवधि में उत्पादन 1.3 करोड़ टन था। इस साल 15 जनवरी तक लगभग 518 चीनी मिलें चालू थीं, जबकि एक साल पहले यह संख्या 500 थी। 

देश में चीनी का सत्र अक्टूबर से सितंबर तक चलता है। सबसे बड़े उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में उत्पादन सालाना आधार पर 42.7 लाख टन से 51 प्रतिशत बढ़कर 64.5 लाख टन हो गया। उत्तर प्रदेश में उत्पादन 42.8 लाख टन से बढ़कर 46 लाख टन हो गया। कर्नाटक का उत्पादन सालाना आधार पर 27.5 लाख टन से बढ़कर 31 लाख टन हो गया। इस्मा ने कहा, ''गन्ने की पर्याप्त उपलब्धता, बेहतर पैदावार और प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में सुचारू कामकाज के कारण 2025-26 के सत्र में भारत के चीनी क्षेत्र ने अब तक स्थिर प्रगति की है।'' 

हालांकि, उद्योग निकाय ने चेतावनी दी कि गन्ने की बढ़ती कीमतों और चीनी की कीमतों में गिरावट से मिलों की वित्तीय स्थिति खराब हो रही है और किसानों को गन्ने के भुगतान में देरी हो रही है। इस्मा ने बताया कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में मिलों से निकलने वाली चीनी की कीमतें गिरकर लगभग 3,550 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गई हैं, जो उत्पादन लागत से काफी कम है। संस्था ने कहा कि चीनी का भंडार बढ़ रहा है, और संकेत मिल रहे हैं कि गन्ने के भुगतान का बकाया बढ़ना शुरू हो गया है। अगर मौजूदा हालात बने रहे तो यह और बढ़ सकता है। इस्मा ने वित्तीय स्थिरता बहाल करने और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) में जल्द संशोधन की मांग की है।  

 

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