हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बढ़ती महंगाई, रसोई गैस की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि तथा उज्ज्वला योजना के लाभों में कटौती को लेकर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का सबसे अधिक दुष्प्रभाव गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है, जबकि आर्थिक संकट के लिए जिम्मेदार ये वर्ग नहीं हैं। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अपनाई गई जनविरोधी आर्थिक नीतियों ने देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर किया है। महंगाई लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है और आम परिवारों के लिए घरेलू बजट संभालना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। हाल ही में रसोई गैस के दामों में हुई वृद्धि ने विशेष रूप से महिलाओं की रसोई और घरेलू अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना को बड़े प्रचार-प्रसार के साथ शुरू किया गया था, लेकिन समय के साथ इसके लाभों में लगातार कटौती की गई। पहले जहां लाभार्थियों को वर्ष में 12 सिलेंडर उपलब्ध कराने की बात कही गई थी, वहीं बाद में यह संख्या घटाकर नौ कर दी गई और अब केवल चार सिलेंडरों तक सीमित कर दी गई है। यह स्थिति गरीब परिवारों के साथ अन्याय के समान है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों और सब्सिडी में कमी के कारण लाखों गरीब परिवार पुनः लकड़ी, कोयला और अन्य पारंपरिक ईंधनों का उपयोग करने को मजबूर हो रहे हैं, जो स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए नुकसानदायक है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रवासी मजदूरों और निम्न आय वर्ग के लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले छोटे गैस सिलेंडरों की कीमतों में हुई भारी वृद्धि ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है। पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और आय की अनिश्चितता से जूझ रहे मजदूर वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना संवेदनहीनता का परिचायक है।
राव नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपनी आर्थिक विफलताओं की कीमत आम जनता से वसूल रही है। किसान खेती की बढ़ती लागत से परेशान है, मजदूर रोजगार और आय की अनिश्चितता से जूझ रहा है, महिलाएं घरेलू खर्चों के दबाव में हैं और मध्यम वर्ग लगातार बढ़ती महंगाई के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “जब आर्थिक नीतियों की विफलताओं के लिए आम जनता जिम्मेदार नहीं है, तो फिर चरमराती अर्थव्यवस्था की कीमत किसान, गरीब, मजदूर, महिलाएं और मध्यम वर्ग क्यों चुकाएं?”
राव नरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार से महंगाई पर तत्काल नियंत्रण करने, रसोई गैस की कीमतों में राहत देने तथा गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।