पूर्वोत्तर भारत के ऐतिहासिक दौरे के बाद प्रधानमंत्री कोलकाता में रक्षा रणनीति की अहम बैठक करने जा रहे हैं। एक महीने में ये प्रधानमंत्री का दूसरा कोलकाता दौरा है जिसके चलते न केवल राजनैतिक तौर पर बल्कि सामरिक तौर पर भी पीएम का ये दौरा बेहद अहम है। वे सोमवार की सुबह आर्मी की ईस्टर्न कमांड के मुख्यालय, फोर्ट विलियम में आयोजित 16वीं कम्बाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेन्स-2025 का उद्घाटन करेंगे। पहलगाम की घटना व ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री का ये दौरा सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म ‘एक्स’ पर लिखा “आज असम में कार्यक्रमों के बाद, मैं कोलकाता पहुंच गया हू, जहां कल संयुक्त कमांडरों के सम्मेलन में भाग लूंगा। इस सम्मेलन के बाद, बिहार के पूर्णिया जाऊंगा, जहां हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करूंगा। साथ ही, 36,000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ भी करूंगा।
पूर्वोत्तर भारत की व्यापक यात्रा
प्रधानमंत्री इस समय पांच राज्यों मिजोरम, मणिपुर, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार की यात्रा पर हैं। इस दौरान वे 71,850 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर रहे हैं। मिजोरम में उन्होंने तीन नई एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, जिससे राज्य की राजधानी आइजोल पहली बार रेलवे मैप पर आया और सीधे दिल्ली, गुवाहाटी और कोलकाता से जुड़ा। इससे पर्यटन, व्यापार और शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव की उम्मीद है।
कोलकाता में सम्मेलन का महत्व
कम्बाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस देश की शीर्ष रक्षा रणनीति बैठक है, जिसमें नागरिक और सैन्य नेतृत्व मिलकर भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों पर विमर्श करेंगे। इस बार सम्मेलन का विषय ‘Year of Reforms-Transforming for the Future’ है। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सहित शीर्ष सैन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे।
इन मुद्दों पर होगी अहम चर्चा
1.उच्च रक्षा सुधारों की प्रगति,
2.संयुक्त कमांड की स्थापना,
3.स्वदेशी तकनीक के इस्तेमाल का विस्तार।
साथ ही, हाल ही में मई में सफलतापूर्वक अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े अनुभवों पर भी विचार होगा। पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों पर किए गए सैन्य हमलों ने भारत की क्षमता और कमियों दोनों को उजागर किया। अब इन्हें दूर करने पर उच्च स्तर पर रणनीति बनेगी।
पीएम मोदी की ये यात्रा क्यों है विशेष?
राजनीतिक संदर्भ : 2026 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री का लगातार बंगाल आना भाजपा की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
रणनीतिक महत्व : कोलकाता स्थित ईस्टर्न कमांड चीन और म्यांमार से सटे पूर्वी सीमांत और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा का नेतृत्व करता है। यहां सम्मेलन का होना पूरे उत्तर-पूर्व और हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा दृष्टि से अहम है।
विकास की गति : प्रधानमंत्री की इस यात्रा से उत्तर-पूर्व में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर के नए युग की शुरुआत होने जा रही है। हिंसाग्रस्त मणिपुर में प्रधानमंत्री का पहुंचना राज्य की स्थिति में बदलाव की कहानी लिख सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इस बात का संदेश देती है कि भारत की सुरक्षा और विकास दोनों की धुरी उत्तर-पूर्व से होकर गुजरती है। एक समय था जब उत्तर पूर्वी राज्यों को विकास की धारा से दूर रखा जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुरु से उत्तर पूर्वी राज्यों में केन्द्रीय परियोजनाओं और विकास की ऐसी धारा प्रवाहित की कि उत्तर पूर्वी राज्यों का हाल बदल गया।