आईपीओ मार्केट में मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड (एमईआईएल) की भी एंट्री होने वाली है। दरअसल, एमईआईएल समूह ने आईपीओ योजना के बारे में जानकारी दी है। इसके साथ ही अगले तीन साल तक का बड़ा प्लान भी बताया है। बता दें कि मेघा इंजीनियरिंग समूह की ही ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक है। यह कंपनी शेयर बाजार में पहले से ही लिस्ट है।
क्या है प्लान?
मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर्स अगले दो से तीन साल में 40,000 करोड़ रुपये तक का पूंजीगत व्यय निवेश करेगी। कंपनी ने अगले 5 वर्षों में समूह का कुल कारोबार दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी के प्रबंध निदेशक पी.वी कृष्णा रेड्डी ने कहा कि समूह अपनी अलग-अलग सब्सिडयरी कंपनियों का चरणबद्ध तरीके से आईपीओ लाने की भी योजना बना रही है।
कृष्णा रेड्डी ने कहा, ''पिछले वर्ष पूरे समूह का कारोबार लगभग 60,000 करोड़ रुपये रहा था। इस वर्ष हमें 80,000 करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद है। अगले पांच साल में नए कारोबार सहित पूरे समूह का राजस्व दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है।'' रेड्डी ने बताया कि फिलहाल समूह के कुल कारोबार में प्रमुख कंपनी एमईआईएल की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत है लेकिन भविष्य में ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन और अन्य नए कारोबार भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि हम अगले दो से तीन वर्षों में जरूरत के अनुसार 30,000 करोड़ रुपये से 40,000 करोड़ रुपये तक निवेश करने की योजना बना रहे हैं।
पहला आईपीओ किस कंपनी का?
सबसे पहले मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर्स की कंपनी ईवी ट्रांस प्राइवेट लिमिटेड का आईपीओ लाया जाएगा। ईवी ट्रांस 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने वाली भारत की एकमात्र कंपनी है। 2018 में वजूद में आई यह कंपनी भारत में जीरो-एमिशन पब्लिक ट्रांसपोर्ट क्रांति का नेतृत्व कर रही है।
यह अहमदाबाद, मुंबई, पुणे, सूरत, सिलवासा, गोवा, हैदराबाद, देहरादून, बेंगलुरु, तिरुपति, नागपुर और पुडुचेरी सहित 7 राज्यों और 15 से ज्यादा शहरों में 3100 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करती है। नवंबर 2025 तक इन बसों ने 50 करोड़ किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की है, जिसमें अकेले महाराष्ट्र में 26 करोड़ किलोमीटर से ज्यादा की दूरी शामिल है, जिससे CO2 उत्सर्जन में काफी कमी आई है। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक राज्य के ट्रांसपोर्ट विभागों के साथ ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (GCC) के तहत काम करते हुए कंपनी ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक से बसें लेती है। इसके साथ ही उनका मेंटेनेंस करती है और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाती है। ईवी ट्रांस की खास पहलों में नागपुर की सिर्फ महिलाओं के लिए 'तेजस्विनी' सर्विस और पुणे-मुंबई रूट पर चलने वाली पहली इंटर-सिटी सुपर-लक्जरी ई-बस शामिल हैं। इन बसों में AC, वाई-फाई, USB चार्जिंग, इंफोटेनमेंट, EU फायर सेफ्टी, पेनिक अलार्म और 350 किलोमीटर की रेंज जैसी सुविधाएं मिलती हैं।