विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने आयुध कारखानों के लगभग 65,000 पूर्व कर्मचारियों को नियमित सरकारी सेवा में स्थानांतरित कर उनका भविष्य सुरक्षित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार कर्मचारी कल्याण और प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करने के लिए लगातार सुधारों को आगे बढ़ा रही है।
भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) और उससे संबद्ध कर्मचारी संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले 19 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारी-केंद्रित सुधारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का आभार व्यक्त किया।
आयुध कारखाना कर्मचारियों के फैसले को बताया ऐतिहासिक
प्रतिनिधिमंडल ने आयुध कारखाना बोर्ड के पुनर्गठन के बाद लगभग 65,000 पूर्व कर्मचारियों को नियमित सरकारी सेवा में स्थानांतरित करने के फैसले की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम बताया। प्रतिनिधियों ने कहा कि इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को दीर्घकालिक सेवा सुरक्षा मिली है और निगमीकरण के बाद कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक का समाधान हुआ है।
विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
प्रतिनिधिमंडल में भारतीय मजदूर संघ, भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ, सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ, सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ, एसएचएआर कर्मचारी ट्रेड यूनियन और अंतरिक्ष कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि शामिल थे। ये प्रतिनिधि देशभर के रक्षा प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, वैज्ञानिक संस्थानों और अन्य केंद्रीय सरकारी सेवाओं के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सेवा संबंधी मुद्दों पर हुई चर्चा
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कर्मचारी संगठनों की रचनात्मक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि संस्थागत संवाद से शासन व्यवस्था मजबूत होती है और सरकारी कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों से जुड़े मामलों का समय पर समाधान संभव हो पाता है। प्रतिनिधिमंडल ने आयुध कारखानों के पूर्व कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति तक मानद प्रतिनियुक्ति बढ़ाने के समर्थन के लिए भी उनका आभार जताया।
प्रतिनिधिमंडल ने कई अन्य मांगें भी उठाईं
प्रतिनिधिमंडल ने अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने, करियर प्रगति, कैडर संबंधी मामलों तथा सरकारी कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक हितधारक परामर्श की मांग उठाई। साथ ही प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, अनावश्यक मुकदमों को कम करने और सेवा संबंधी मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का सुझाव भी दिया।
सरकार परामर्श आधारित सुधारों के लिए प्रतिबद्ध
जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े मामलों के समाधान के लिए परामर्शपूर्ण और उत्तरदायी दृष्टिकोण अपनाए हुए है। प्रत्येक उचित अभ्यावेदन पर संबंधित मंत्रालयों और विभागों के माध्यम से गंभीरता से विचार किया जाता है। उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था में सुधार, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने वाले सुझावों का सरकार हमेशा स्वागत करती है।
कर्मचारी संगठनों से निरंतर संवाद पर जोर
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने प्रशासन को अधिक पारदर्शी, कुशल और नागरिक-केंद्रित बनाने को प्राथमिकता दी है। कर्मचारी संगठनों के साथ निरंतर संवाद व्यावहारिक समस्याओं की पहचान करने और व्यापक जनहित में उचित नीतिगत समाधान तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि सरकार कर्मचारी-हितैषी सुधारों को आगे भी जारी रखेगी और सेवा शर्तों, पेंशन प्रशासन तथा कार्मिक प्रबंधन से जुड़े मामलों पर नियमित संवाद बनाए रखेगी।