चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजों का सीजन तेज हो गया है। आज 16 जुलाई को करीब 40 कंपनियां अपने जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें विप्रो, टेक महिंद्रा, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स (BHEL), आईटीसी होटल्स और पिरामल फाइनेंस जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं।
इन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजर
आज जारी होने वाले नतीजों के बाद आईटी, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंफ्रास्ट्रक्चर और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बाजार की नजर खास तौर पर कंपनियों के मुनाफे, राजस्व, भविष्य के आउटलुक और मैनेजमेंट की टिप्पणियों पर रहेगी।
विप्रो से क्या उम्मीद?
ब्रोकरेज एक्सिस डायरेक्ट के मुताबिक, विप्रो के रेवेन्यू में तिमाही आधार पर करीब 1% की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि वेतन वृद्धि और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में बढ़ते निवेश के कारण कंपनी का EBIT मार्जिन लगभग 84 बेसिस प्वाइंट घटने का अनुमान है। एक्सपर्ट्स की नजर यूरोप कारोबार का आउटलुक, नए बड़े ऑर्डर FY27 के लिए कंपनी का गाइडेंस, AI निवेश की रणनीति पर नजर रहेगी।
टेक महिंद्रा से क्या उम्मीद?
एक्सिस डायरेक्ट का अनुमान है कि टेक महिंद्रा का राजस्व तिमाही आधार पर 2.4% बढ़ सकता है। इसकी मुख्य वजह बड़े टेलीकॉम प्रोजेक्ट की शुरुआत और BFSI व मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से मजबूत मांग मानी जा रही है।
हालांकि, कंपनी का EBIT मार्जिन लगभग स्थिर रहने की उम्मीद है क्योंकि लागत नियंत्रण और रुपये की कमजोरी से मिलने वाले लाभ से बढ़ते निवेश का असर संतुलित हो सकता है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम हैं ये नतीजे?
आईटी सेक्टर में हाल के दिनों में वैश्विक मांग, AI निवेश और बड़े क्लाइंट्स के खर्च को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में विप्रो और टेक महिंद्रा के नतीजे पूरे आईटी सेक्टर की दिशा तय कर सकते हैं, जबकि जियो फाइनेंशियल और बीएचईएल के परिणाम वित्तीय और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों की चाल पर असर डाल सकते हैं।
बुधवार को कैसा रहा बाजार का हाल
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 130.49 अंक बढ़कर 77,185.43 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 26.45 अंकों की बढ़त के साथ यह 24,078.50 पर बंद हुआ।
आज कैसी रहेगी बाजार की चाल
भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50, गुरुवार को स्थिर नोट पर खुलने की उम्मीद है। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच निवेशक अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों को लेकर सतर्क बने हुए हैं। एशियाई शेयर बाजारों में गुरुवार को भारी गिरावट देखी गई।