नई दिल्ली; पूर्व भारतीय स्पिनर अश्विन ने वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर गहरी चिंता जताई है। अश्विन ने कहा कि वह 2027 के 50 ओवर के विश्व कप के बाद इस प्रारूप के अस्तित्व को लेकर संशय है। अश्विन का मानना है कि वर्तमान क्रिकेट परिदृश्य में वनडे क्रिकेट अपनी प्रासंगिकता और दर्शकों के बीच जगह खोता जा रहा है। अश्विन के अनुसार, वनडे क्रिकेट वर्तमान में एक एकतरफा और बोझिल खेल बनता जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से खेल के मध्य ओवरों की आलोचना करते हुए कहा कि पहले पावरप्ले के बाद खेल बहुत ही सामान्य हो जाता है, जहां बल्लेबाज आसानी से हर ओवर में एक बाउंड्री ढूंढ लेते हैं और गेंदबाजों के लिए विकेट लेने के मौके कम हो जाते हैं।
अश्विन ने कहा, वनडे क्रिकेट के बारे में बात करें, तो वह फंसा नहीं है, बल्कि यह एपिक फॉर्मेट अपनी प्रासंगिकता खो रहा है और मुझे डर है कि एक समय पर यह स्लो डेथ की ओर बढ़ जाएगा। इस प्रारूप को बचाने के लिए अश्विन ने फुटबॉल के ‘फीफा’ मॉडल को अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में विराट और रोहित जैसे बड़े खिलाडिय़ों की मौजूदगी के कारण लोग वनडे देख रहे हैं, लेकिन उनके संन्यास के बाद इस प्रारूप का प्रभाव और कम हो जाएगा, वनडे क्रिकेट विराट और रोहित के संन्यास के बाद दिलचस्प नहीं रह जाएगा। आईसीसी को इस प्रारूप को फिर से रोमांचक बनाने के लिए नवाचार करने की जरूरत है।