Tuesday, October 06, 2026
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बाज़ार

Why Gold-Silver Down: अचानक क्यों आई सोने-चांदी में इतनी बड़ी गिरावट, निवेशकों के करोड़ों डूबे!

05 फ़रवरी, 2026 06:17 PM

गुरुवार को घरेलू कमोडिटी बाजार में आई अचानक तेज गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। MCX पर सोना और चांदी के फ्यूचर्स में भारी बिकवाली के बाद गोल्ड और सिल्वर ETFs बुरी तरह लुढ़क गए, जिससे निवेशकों के करोड़ों रुपए डूब गए। सिल्वर ETFs में करीब 16 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि गोल्ड ETFs भी लगभग 5 फीसदी तक फिसल गए। पिछले दो सत्रों की तेजी के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों ने बाजार का सेंटिमेंट कमजोर कर दिया। अब निवेशकों की नजर अमेरिका के जॉब्स डेटा और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर टिकी हुई है।

MCX पर अप्रैल एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर करीब 3 फीसदी गिरकर 1,48,455 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि जून कॉन्ट्रैक्ट में भी इसी तरह की गिरावट रही। वहीं मार्च एक्सपायरी वाला सिल्वर फ्यूचर करीब 6 फीसदी टूटकर 2,52,719 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया और मई कॉन्ट्रैक्ट भी लगभग इतने ही दबाव में रहा। कीमतों में आई इस गिरावट का असर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स पर भी दिखा, जहां सिल्वर ETFs में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज हुई। Kotak Silver ETF करीब 17 फीसदी और Edelweiss Silver ETF 15 फीसदी से ज्यादा गिरा, जबकि अन्य प्रमुख सिल्वर ETFs 12–14 फीसदी तक टूटे। गोल्ड ETFs में भी कमजोरी रही और कई फंड्स 5 फीसदी तक नीचे आए।

 

गिरावट की मुख्य वजह

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, हालिया तेजी के बाद आई मुनाफावसूली इस गिरावट की मुख्य वजह रही। इसके अलावा निवेशक अब अमेरिका के ADP नॉन-फार्म पेरोल, सर्विसेज PMI और खासतौर पर आने वाले जॉब्स डेटा का इंतजार कर रहे हैं, जिससे फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की दिशा का संकेत मिलेगा। CME FedWatch के अनुसार मई तक दरों में कटौती की संभावना कम है, जबकि जून में सीमित कटौती की उम्मीद जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट को लंबी अवधि के ट्रेंड में बदलाव नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि ओवरबॉट बाजार के लिए एक जरूरी करेक्शन के रूप में देखा जा रहा है। लंबी अवधि में सेंट्रल बैंकों की खरीद, चांदी की सीमित सप्लाई और भू-राजनीतिक तनाव कीमतों को सपोर्ट दे सकते हैं। हालांकि फिलहाल जोखिम-रिटर्न के नजरिये से कुछ विश्लेषक सोने को चांदी की तुलना में ज्यादा स्थिर विकल्प मान रहे हैं।

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