शिमला : हिमाचल प्रदेश में टैक्सी परमिट की अवधि घटाने के विरोध में चल रहा टैक्सी ऑप्रेटरों का धरना शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया। विधानसभा के समीप चौड़ा मैदान में प्रदर्शन कर रहे ऑल हिमाचल टैक्सी ऑप्रेटर यूनियन के सदस्यों को पूर्व मुख्यमंत्री ने जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। हालांकि, ऑप्रेटरों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो यह मुद्दा शांत नहीं होगा।
बता दें कि पड़ोसी राज्यों में टैक्सी परमिट की सीमा 20 से 25 वर्ष निर्धारित है, जबकि हिमाचल प्रदेश में सरकार इसे कम कर रही है। हिमाचल प्रदेश भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री यशपाल हेटा ने राज्य सरकार के इस कदम को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि सरकार को यह अनुचित फैसला तुरंत वापस लेना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि टैक्सी यूनियनों के साथ बैठकर इस नीतिगत विसंगति को दूर किया जाए।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इसे महज एक कारोबारी मुद्दा न मानकर हजारों परिवारों की आजीविका का संकट बताया। उन्होंने ऑप्रेटरों को भरोसा दिलाया कि विधानसभा में राज्य सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाने के बाद, अब वे इसे केंद्र सरकार के संज्ञान में भी लाएंगे ताकि उन्हें स्थायी राहत मिल सके। जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार से अपील की है कि वह टैक्सी ऑप्रेटरों की व्यावहारिक दिक्कतों को समझे और इस पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय ले।