चंडीगढ़ : पंजाब सरकार ने राज्य के लगभग 3 लाख पेंशनरों और जल्द सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की कठिनाइयों को घर बैठे ही दूर करने के लिए एक नई और महत्वपूर्ण पहल की है। इस दिशा में, सरकार एक अत्याधुनिक 'पेंशन सेवा पोर्टल' का निर्माण कर रही है, जिसका परीक्षण (ट्रायल) पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले ही 6 विभागों में शुरू हो चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह डिजिटल पोर्टल दीवाली तक पूरी तरह से जनता के लिए लॉन्च कर दिया जाएगा, जिससे पेंशनभोगियों को बड़ी राहत मिलेगी।
पेंशन सेवा पोर्टल से मिलने वाले प्रमुख लाभ
यह नया पोर्टल पेंशनभोगियों के लिए कई तरह से फायदेमंद साबित होगा, जिससे उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी और प्रक्रियाएं अधिक सुगम व पारदर्शी होंगी:
1. कार्यालयों के चक्कर से मुक्ति: पेंशनरों को अब अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं या औपचारिकताओं के लिए सरकारी दफ्तरों में भागदौड़ करने की आवश्यकता नहीं होगी।
2. समय पर पेंशन का भुगतान: सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को उनकी पेंशन समय पर सीधे उनके बैंक खातों में मिलनी शुरू हो जाएगी, जिससे वित्तीय असुरक्षा खत्म होगी।3. ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र: पेंशनभोगी हर साल अपना जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) घर बैठे ही ऑनलाइन जमा कर सकेंगे, जिससे शारीरिक उपस्थिति की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
4. समयबद्ध शिकायत निवारण: पोर्टल पर कर्मचारी अपनी एक विशिष्ट आईडी के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जो सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुंचेगी। हर कार्य के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की गई है, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और शिकायतों का निपटारा तय समय में होगा।
पहले चरण में शामिल विभाग और कार्यान्वयन
'पेंशन सेवा पोर्टल' के पहले चरण में स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, जल आपूर्ति और स्वच्छता विभागों को शामिल किया गया है। इन विभागों से सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों का डेटा तेजी से पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। इसके साथ ही, पुराने पेंशनरों का रिकॉर्ड भी पोर्टल पर अपलोड करने का काम प्रगति पर है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह पोर्टल केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए होगा। बोर्डों और निगमों के कर्मचारी इसमें शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उनके सेवा नियम सरकारी कर्मचारियों से अलग होते हैं। इस कदम को पंजाब सरकार द्वारा पेंशनरों को राहत प्रदान करने और प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ी और सराहनीय पहल माना जा रहा है।