गोहर : मुख्यमंत्री के दिल्ली से वापस आने की खबर आती नहीं कि उनके फिर से वापस जाने की खबर आ जाती है। प्रदेश के लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर दिल्ली में हिमाचल प्रदेश को लेकर क्या सियासी खिचड़ी पक रही है। जितनी मशक्कत वे अपने आलाकमान को खुश रखने में कर रहे हैं, उतनी यदि हिमाचल के हितों के लिए करते तो बेहतर था। ये सवाल पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष दिल्ली दौरों पर लगाए हैं। बुधवार को जयराम ने सराज विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विभिन्न सामाजिक सम्मेलनों में भाग लिया और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस चुनावी व्यवस्था से झूठी गारंटियां देकर वे मुख्यमंत्री बने हैं, उसी के खिलाफ किस मुंह से प्रदर्शन कर रहे हैं। जनता से झूठ बोलने के लिए सबसे पहले उन्हें माफी मांगनी चाहिए और देश में अराजकता को बढ़ाने वाले इस सम्मेलन से किनारा करना चाहिए। जयराम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के हाल में हुए पंचायती राज चुनाव के परिणाम भी मुख्यमंत्री को राहुल गांधी को बताने चाहिए, ताकि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की होने वाली करारी हार की जानकारी रहे।
मासूम नीतिका के हाथों करवाया रक्तदान शिविर का शुभारंभ
भारतीय जनता युवा मोर्चा सराज मंडल थुनाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत बगस्याड़ में आयोजित रक्तदान शिविर में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर शामिल हुए। इस दौरान जयराम ठाकुर ने सराज विधानसभा क्षेत्र की आपदा प्रभावित मासूम नीतिका को दुलारा और उसी के हाथ से रक्तदान शिविर का शुभारंभ करवाया। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का सर्वोत्तम माध्यम है और हमारा एक छोटा-सा प्रयास किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। भाजपा ग्राम केंद्र कांढा और बगस्याड़ में आयोजित बूथ बैठकों में जयराम ने कहा कि भाजपा का मजबूत संगठन और समर्पित कार्यकर्त्ता हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। इस दौरान कुल्लू एवं नग्गर ब्लॉक पंचायत समिति की अध्यक्ष यमुना ठाकुर और वेद राम ठाकुर तथा भाजपा कुल्लू सदर मंडल अध्यक्ष शरबन लाल ठाकुर ने भी उनसे शिष्टाचार भेंट की।
बागा चनोगी स्कूल में विद्यार्थियों से मिले जयराम
जयराम ठाकुर ने अपने गोद लिए बागा चनोगी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का दौरा कर विद्यार्थियों से मुलाकात की और उनसे संवाद किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के चेहरों पर मुस्कान, आंखों में बड़े सपने और आगे बढ़ने का उत्साह देखकर मन प्रसन्न हुआ। विद्यालय को गोद लेने का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने और उनकी प्रतिभा को निखारने के प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। बच्चों को बेहतर अवसर मिलें और वे अपने सपनों को साकार कर जीवन में नई ऊंचाइयां हासिल करें, यही हमारी सच्ची कामना है।