Wednesday, July 01, 2026
BREAKING
Lock Upp 2: कंगना रनौत लेंगी लॉकअप 2 में एंट्री, फराह-रितेश के साथ कंटेस्टेंट को करेंगी बाहर Gold Rate Today: आज दिल्ली-यूपी-बिहार में फिर सस्ता हुआ सोना, जानिये बुधवार 1 जुलाई का गोल्ड रेट ‘डिजिटल इंडिया’ पहल विकसित और आत्मनिर्भर भारत की सशक्त नींव: पीएम मोदी UPI ने एक बार लगाई छलांग, जून में 23 प्रतिशत की वृद्धि, वैल्यू करीब 29 लाख करोड़ रुपए रही ग्रीस में UPI की शुरुआत, सुरक्षित और आसानी से पैसे हस्तांतरित कर सकते हैं कस्टमर्स कमर्शियल LPG सिलेंडर 183.50 रुपए सस्ता हुआ, घरेलू एलपीजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं ने सीए को बधाई दी शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 76,660 और निफ्टी 23,926 पर मेक्सिको ने इक्वाडोर को 2-0 से हराकर बनाई अंतिम-16 में जगह, 40 साल बाद जीता नॉकआउट मैच फ्रांस ने स्वीडन को 3-0 से हराया, एमबाप्पे के डबल से राउंड ऑफ 16 में एंट्री

धर्म

Mahakumbh 2025: कल से होगा महाकुंभ का आगाज, जानिए महत्व और शाही स्नान के शुभ मुहूर्त

12 जनवरी, 2025 04:25 PM

Mahakumbh 2025: महाकुंभ मेला 2025 कल, 13 जनवरी से प्रयागराज में शुरू हो रहा है। यह मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी इसे विशेष महत्व दिया जाता है। कुंभ मेला हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है और यह भारत के चार प्रमुख शहरों हरिद्वार, नासिक, प्रयागराज और उज्जैन में मनाया जाता है। माना जाता है कि इन पवित्र स्थानों के संगम में स्नान और पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है।

कुंभ मेला का धार्मिक महत्व
कुंभ मेला समुद्र मंथन से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान अमृत के लिए देवताओं और राक्षसों के बीच 12 वर्षों तक युद्ध चला था। इस युद्ध के दौरान अमृत की कुछ बूंदें कुछ स्थानों पर गिरीं, और वहीं पर कुंभ मेला आयोजित किया जाता है। कुंभ मेला को हर बार 12 साल में एक बार आयोजित किया जाता है, और इसे महाकुंभ के नाम से जाना जाता है। महाकुंभ में स्नान करने को "शाही स्नान" कहा जाता है।

महाकुंभ 2025 में बन रहा ये शुभ संयोग
महाकुंभ 2025 खास माना जा रहा है क्योंकि 144 साल बाद एक दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बन रहा है, जो समुद्र मंथन के दौरान बनें विशेष ग्रहों की स्थिति से मेल खाता है। इस दिन सूर्य, चंद्रमा और बृहस्पति ग्रहों की शुभ स्थिति बन रही है, जो समुद्र मंथन के दौरान भी बनी थी। इसके साथ ही, महाकुंभ में रवि योग का भी निर्माण होगा, जो 13 जनवरी को सुबह 7:15 बजे से शुरू होकर 10:38 बजे तक रहेगा। इस दिन भद्रावास योग भी बनेगा, जो भगवान विष्णु की पूजा के लिए खास माना जाता है।

महाकुंभ का पहला शाही स्नान और शुभ मुहूर्त 
महाकुंभ का पहला शाही स्नान कल, 13 जनवरी को पूर्णिमा के शुभ अवसर पर होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, 13 जनवरी को सुबह 5:03 बजे पूर्णिमा तिथि की शुरुआत होगी, जो 14 जनवरी को रात 3:56 बजे समाप्त होगी।

शाही स्नान के मुहूर्त इस प्रकार हैं....
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:27 बजे से 6:21 बजे तक
प्रात: संध्या मुहूर्त: सुबह 5:54 बजे से 7:15 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:15 बजे से 2:57 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:42 बजे से 6:09 बजे तक

महाकुंभ के छह शाही स्नान इस प्रकार हैं...
पहला शाही स्नान - 13 जनवरी 2025 (पूर्णिमा)
दूसरा शाही स्नान - 14 जनवरी 2025 (मकर संक्रांति)
तीसरा शाही स्नान - 29 जनवरी 2025 (मौनी अमावस्या)
चौथा शाही स्नान - 2 फरवरी 2025 (बसंत पंचमी)
पांचवां शाही स्नान - 12 फरवरी 2025 (माघ पूर्णिमा)
छठा शाही स्नान - 26 फरवरी 2025 (महाशिवरात्रि)

 

Have something to say? Post your comment

और धर्म खबरें

मोरक्को से आया धमाकों का ईमेल, केदारनाथ-बदरीनाथ समेत पूरे उत्तराखंड को दहलाने की थी धमकी

मोरक्को से आया धमाकों का ईमेल, केदारनाथ-बदरीनाथ समेत पूरे उत्तराखंड को दहलाने की थी धमकी

वाराणसी की मस्जिद को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश, पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी की हरकत

वाराणसी की मस्जिद को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश, पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी की हरकत

मंगल का वृषभ राशि में गोचर, इन राशियों को होगा लाभ, कुछ रहें सावधान

मंगल का वृषभ राशि में गोचर, इन राशियों को होगा लाभ, कुछ रहें सावधान

9 जून 2026 का पंचांग: भूलकर भी इस समय शुरू न करें कोई नया काम, मीन राशि में रहेगा चंद्रमा का प्रभाव

9 जून 2026 का पंचांग: भूलकर भी इस समय शुरू न करें कोई नया काम, मीन राशि में रहेगा चंद्रमा का प्रभाव

अचानक बीच में ही रोकी गई केदारनाथ यात्रा, आखिर क्या वजह? सुरक्षित स्थानों पर रोके गए श्रद्धालु

अचानक बीच में ही रोकी गई केदारनाथ यात्रा, आखिर क्या वजह? सुरक्षित स्थानों पर रोके गए श्रद्धालु

बिहार: सज-धज कर तैयार राजगीर का कुंड क्षेत्र, 17 मई से शुरू होगा ऐतिहासिक मलमास मेला

बिहार: सज-धज कर तैयार राजगीर का कुंड क्षेत्र, 17 मई से शुरू होगा ऐतिहासिक मलमास मेला

वट सावित्री व्रत : भारतीय संस्कृति में प्रेम, प्रकृति और आध्यात्मिक चेतना की महागाथा

वट सावित्री व्रत : भारतीय संस्कृति में प्रेम, प्रकृति और आध्यात्मिक चेतना की महागाथा

26 अप्रैल का पंचांग : बैशाख शुक्ल की दशमी तिथि पर अभिजित व विजय मुहूर्त, नोट कर लें राहुकाल

26 अप्रैल का पंचांग : बैशाख शुक्ल की दशमी तिथि पर अभिजित व विजय मुहूर्त, नोट कर लें राहुकाल

31 मार्च का पंचांग : त्रयोदशी तिथि पर रवि योग, अमृतकाल व अभिजित मुहूर्त, नोट कर लें राहुकाल

31 मार्च का पंचांग : त्रयोदशी तिथि पर रवि योग, अमृतकाल व अभिजित मुहूर्त, नोट कर लें राहुकाल

धर्म के आधार पर ओबीसी आरक्षण के कथित दुरुपयोग पर राज्यसभा से विपक्ष का बहिर्गमन

धर्म के आधार पर ओबीसी आरक्षण के कथित दुरुपयोग पर राज्यसभा से विपक्ष का बहिर्गमन