श्रीहरिकोटा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का विश्वसनीय रॉकेट पीएसएलवी-सी62 सोमवार को अपने सफल प्रक्षेपण के बाद उपग्रहों को उनकी निर्धारित कक्षाओं में स्थापित करने में विफल रहा। यह रॉकेट अपने साथ रणनीतिक उद्देश्यों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया डीआरडीओ का ईओएस-एनवन (अन्वेषा) अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट और 15 अन्य अंतरराष्ट्रीय उपग्रह अपने साथ लेकर गया था। रॉकेट के प्रक्षेपण के तीन चरण सफल रहे थे, लेकिन चौथे चरण में रॉकेट अपने मार्ग से भटक गया।
इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने मिशन कंट्रोल सेंटर से वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए इस विफलता की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “पीएसएलवी -सी 62 मिशन के पहले तीन चरणों का प्रदर्शन पूरी तरह सामान्य था। इसके बाद एक विसंगति पाई गई और उड़ान अपने तय रास्ते से भटक गई, जिसके कारण मिशन सफल नहीं हो सका। इसरो प्रमुख ने आगे बताया कि वैज्ञानिक डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं और जल्द ही विफलता के सटीक कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।