शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा के खिलाफ सरकार तथ्यों के साथ श्वेत पत्र लाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की तरफ से बनाई गई चार्जशीट कमेटी में वे लोग हैं, जिनके खिलाफ भाजपा ने पहले लाई गई चार्जशीट में आरोप लगाए थे। अब भाजपा के भ्रष्टाचार की परतें खुलने लगी हैं, जिस कारण दीपकमल में 50 लोगों की सोशल मीडिया टीम को उनको बदनाम करने के लिए बिठाया गया है। शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक एडीआर रिपोर्ट में उनकी तरफ से 20 साल पहले खरीदी गई प्राॅपर्टी की वैल्यू एड करके दर्शाई गई है। उन्होंने एक प्लॉट 20 साल पहले 14 लाख रुपए में खरीदा था, जिसकी कीमत अब 2 करोड़ रुपए हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को सत्ता आने के लिए कुछ नजर नहीं आ रहा है।
परवाणू से नीचे जाने में घबराते हैं भाजपा विधायक दल नेता
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक दल नेता परवाणू से नीचे जाने में घबराते हैं। यदि कभी ये लोग जाते हैं तो हिमाचली हितों पर कुठाराघात करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को कांग्रेस सरकार के हित में नहीं, बल्कि हिमाचली अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए दिल्ली जाना चाहिए। हिमाचल प्रदेश को वर्ष 1952 से संविधान के प्रावधान के अनुरूप मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (आर.डी.जी.) राशि को बंद कर दिया गया। इससे प्रति वर्ष 8 हजार करोड़ रुपए से 10 हजार करोड़ रुपए नुक्सान हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के राजनीति करने से उनको कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यह राजनीति हिमाचली अधिकारों के साथ नहीं होनी चाहिए।
1,500 करोड़ रुपए की प्राप्ति के लिए पत्र लिखा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से प्राकृतिक आपदा से हुए नुक्सान की भरपाई करने की एवज घोषित 1,500 करोड़ रुपए के पैकेज प्राप्ति के लिए पत्र लिखा है। यदि शीघ्र घोषित पैकेज हिमाचल प्रदेश को नहीं मिलता तो वह फिर से पत्र लिखेंगे।
अब पेपर लीक नहीं होते, नौकरी ज्वाइन कर रहे हैं युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पेपर लीक नहीं होते, अब युवा नौकरी ज्वाइन कर रहे हैं। हाल ही में जेबीटी, लैक्चरार, सहायक स्टाफ नर्स और विभिन्न विषयों के सीबीएसई शिक्षकों का परिणाम निकला है। पहली बार फिजिक्स, कैमिस्ट्री, मैथ, अंग्रेजी और कॉमर्स की मैरिट 70 से 80 फीसदी गई है। सहायक स्टाफ नर्स की मैरिट भी 80 फीसदी तक गई है।
हिमाचल में आवश्यकता से अधिक अधिकारी
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आवश्यकता से अधिक अधिकारी हैं। सरकार ने आईएएस कॉडर को 153 से 130 करने के अलावा आईपीएस व आईएफएस कॉडर कम करने की बात कही है। इतने अधिकारियों की प्रदेश में जरूरत नहीं है। इससे बचने वाली राशि को प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खर्च किया जा सकता है।