हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार अपने महत्वाकांक्षी कार्यक्रम 'सरकार गांव के द्वार' के तहत अब सीधे जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों की चौखट पर पहुंच गई है। इसी कड़ी में बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लाहौल-स्पीति जिले के काजा पहुंचे। दिल्ली से शिमला (जुब्बड़हट्टी) होते हुए काजा हेलीपैड पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक (ढोल-नगाड़ों व शहनाई) और गर्मजोशी से स्वागत किया। सीएम के इस ग्राऊंड-जीरो दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक अमले के साथ जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का त्वरित निपटारा करना है।
विकास परियोजनाओं की मिलेगी सौगात, लाडारचा मैदान में करेंगे जनसभा
मुख्यमंत्री का यह दौरा जनजातीय क्षेत्र के विकास के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। तय कार्यक्रम के अनुसार, सीएम सुक्खू काजा के ऐतिहासिक लाडारचा मैदान में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह क्षेत्रवासियों को कई नई विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए विभिन्न कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। मंच के माध्यम से मुख्यमंत्री सरकार की नीतियों, विकास कार्यों और भविष्य के विजन को जनता के समक्ष रखेंगे। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस दौरान बिजली, सड़क व्यवस्था और ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़ी उनकी पुरानी मांगों को लेकर सरकार कोई बड़ा ऐलान कर सकती है।
शाम को वृद्धाश्रम का करेंगे दौरा
विकास कार्यों के साथ-साथ इस दौरे में सामाजिक सरोकार को भी प्राथमिकता दी गई है। बुधवार शाम करीब 5 बजे मुख्यमंत्री सुक्खू 'की' स्थित वृद्धाश्रम (ओल्ड एज होम) जाएंगे। यहां वह वरिष्ठ नागरिकों के साथ सीधा संवाद कर उनकी कुशलक्षेम जानेंगे, उनकी जरूरतें समझेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं उन तक पहुंच रही हैं या नहीं।
रंगरिक में होगा रात्रि ठहराव
'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम को सही मायनों में धरातल पर उतारते हुए मुख्यमंत्री बुधवार रात रंगरिक गांव में विश्राम करेंगे। रात्रि ठहराव के दौरान वह स्थानीय महिला मंडलों और युवक मंडलों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक करेंगे। इस जनसंवाद में ग्रामीणों की समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचेंगी। चूंकि सीएम के साथ पूरा प्रशासनिक अमला और आला अधिकारी भी मौजूद हैं, इसलिए अधिकतर समस्याओं और शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा।
घोषणाओं पर टिकी निगाहें
रंगरिक में रात्रि विश्राम और स्थानीय लोगों की मांगें सुनने के बाद मुख्यमंत्री गुरुवार सुबह काजा से कड़छम हेलीपैड के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री के इस दौरे से लाहौल-स्पीति की जनता में भारी उत्साह है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सीमांत क्षेत्र के विकास और युवा व महिला मंडलों की मांगों पर सरकार की ओर से क्या अहम कदम उठाए जाते हैं।