कैथल : भ्रष्टाचार से जुड़े एक गंभीर मामले में अदालत ने चार पुलिसकर्मियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को दो-दो साल की कैद और दो-दो हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट तुषार शर्मा ने 21 गवाहों के बयानों के आधार पर 17 पन्नों का विस्तृत फैसला सुनाया। अदालत के फैसले के अनुसार, इस मामले में हिसार सीआईए-2 के एएसआई फूल सिंह, हेड कांस्टेबल मक्खन लाल, बलजीत सिंह तथा सिपाही जगत सिंह को दोषी ठहराया गया। जांच के दौरान ढांड पुलिस ने डॉ. संदीप बूरा, डॉ. अजय पुनिया और राममेहर को केस से बाहर कर दिया था, जबकि उक्त चारों पुलिस कर्मियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश की गई। शिकायत के अनुसार, प्रदीप के छोटे भाई अमरजीत ने बताया था कि उसने डा. संदीप बूरा से 19 लाख रुपए और डॉ. अजय पुनिया निवासी हिसार से 10 लाख रुपए लेने हैं, जिसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान था। डा. संदीप बूरा ने 9 लाख रुपए का चेक उसके चचेरे भाई कुलदीप के नाम दिया, जो बाउंस हो गया।
इसके बाद गाड़ी के लेन-देन के बहाने अमरजीत को बुलाया गया। उसके साले अमरजीत निवासी दुपेड़ी को वाहन लेने भेजा गया। बताया गया कि गाड़ी डॉ. अजय पुनिया के पास खड़ी थी। वहां से वाहन लेकर लौटते समय सीआईए-2 हिसार की टीम ने अमरजीत को पकड़ लिया और अपने साथ ले गई। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की और 18 लाख रुपये के कथित मामले का हवाला देते हुए 9 लाख रुपए लेकर समझौता करने की मांग की। इसी दौरान परिजनों को सूचना मिली कि अमरजीत ने बस के नीचे कूदकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रताडऩा से तंग आकर उसने यह कदम उठाया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और साक्ष्यों का अवलोकन किया। इसी आधार पर चारों को दोषी ठहराते हुए सजा और जुर्माना लगाया गया।