न्यूजीलैंड के दिग्गज ऑलराउंडर डग ब्रेसवेल ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। ब्रेसवेल पिछले कुछ समय से चोटों से जूझ रहे थे और पिछले दो साल से कीवी टेस्ट टीम से बाहर चल रहे थे। उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच 2023 में खेला था, और तब से युवा खिलाड़ियों ने उनकी जगह ले ली थी।
डग ब्रेसवेल ने अपने संन्यास के मौके पर कहा कि क्रिकेट उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि “युवा खिलाड़ी के रूप में मेरा सपना था कि मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलूं। इसके चलते मुझे बहुत अवसर मिले, जिनके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगा। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स और अपने देश के लिए खेलना मेरे लिए गर्व की बात रही। फर्स्ट क्लास और इंटरनेशनल क्रिकेट में खेलना मेरे करियर का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा।"
क्रिकेट परिवार की विरासत
डग ब्रेसवेल का क्रिकेट में नाम सिर्फ उनके करियर तक ही सीमित नहीं है। उनके पिता ब्रेंडन और चाचा जॉन दोनों ही टेस्ट क्रिकेट खेल चुके हैं, जबकि जॉन न्यूजीलैंड के लिए कोच की भूमिका भी निभा चुके हैं। इसके अलावा उनके चचेरे भाई माइकल ब्रेसवेल भी क्रिकेट खेलते हैं और भारत दौरे पर न्यूजीलैंड की वनडे टीम की कमान संभालेंगे।
तीनों फॉर्मेट में कीवी टीम का हिस्सा
35 वर्षीय ब्रेसवेल ने 2011 में तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में न्यूजीलैंड के लिए डेब्यू किया। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 28 मैचों में 74 विकेट लिए। वनडे में उनके नाम 26 और टी20 में 20 विकेट दर्ज हैं। कुल मिलाकर उन्होंने 74 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। उन्होंने 2011 में होबार्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए टेस्ट मैच में अपनी टीम की जीत में अहम योगदान दिया, जहाँ दूसरी पारी में उन्होंने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 6 विकेट झटके थे।
घरेलू क्रिकेट में शानदार योगदान
हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका करियर उतना लंबा नहीं रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट में डग ब्रेसवेल ने अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने 137 फर्स्ट क्लास मैचों में 422 विकेट लिए और 4505 रन बनाए, जिसमें तीन शतक भी शामिल हैं।