नई दिल्ली: नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (एनएडीए) ने पहलवान बजरंग पूनिया को चार साल के लिए सस्पेंड कर दिया है। पूनिया ने 10 मार्च को राष्ट्रीय टीम के सिलेक्शन ट्रायल के दौरान डोप टेस्ट के लिए सैंपल देने से इनकार कर दिया था, जिसके चलते उन पर कार्रवाई हुई। इस कार्रवाई के बाद अब बजरंग पूनिया का बयान आया है। उन्होंने कहा कि यह चौंकाने वाली बात नहीं है, क्योंकि ट्रायल का यह मुद्दा पिछले एक साल से चल रहा है। मैंने पहले भी कहा है कि मैंने नाडा को नमूना देने से इनकार नहीं किया है। जब (दिसंबर, 2023 में) वे डोप टेस्ट करने के लिए मेरे घर आए, तो वे एक एक्सपायरी किट लेकर आए थे। मैंने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया था। हाल ही में पहलवान विनेश के साथ कांग्रेस में शामिल होने वाले बजरंग के पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है। वह नाडा के अपील पैनल में फैसले के खिलाफ जा सकते हैं।
सरकार पर आरोप
पहलवान ने आरोप लगाया कि सरकार डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ लंबे समय से चल रहे धरने में उनकी संलिप्तता का बदला लेना चाहती है। बजरंग ने कहा कि मैं पिछले 10-12 वर्षों से प्रतिस्पर्धा कर रहा हूं और मैंने सभी टूर्नामेंट, भारत शिविरों के दौरान अपना नमूना पेश किया है, लेकिन सरकार का उद्देश्य हमें तोडऩा है, हमें उनके सामने झुकाना है। अगर मैं भाजपा में शामिल हो जाता हूं तो मुझे लगता है कि मेरे सभी प्रतिबंध हटा दिए जाएंगे।