Thursday, October 01, 2026
BREAKING
• Asian Games 2026: भारतीय हॉकी टीम ने फाइनल में जगह बनाई, पाकिस्तान को 4-3 से दी मात • ‘सरकार माई-बाप नहीं, नागरिक देवो भव है यूपीएससी के नए दौर का मंत्र : पीएम मोदी • प्रधानमंत्री मोदी ने पायलट स्मित मच्छार के परिवार से की बात, मदद का भरोसा • भारत दौरे पर आएंगे पोलैंड के पीएम डोनाल्ड टस्क, 100 बड़ी कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल भी होगा साथ • तमिलनाडु में बांधों का जलस्तर गिरकर 34 प्रतिशत पहुंचा, पेयजल संकट की चिंता बढ़ी • अफगानिस्तान में 5.3 तीव्रता के भूकंप से दहशत, इस साल कई बार कांपी धरती • दिल्ली की हवा में सुधार, सितंबर में पांच साल का सबसे कम औसत AQI • अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमले, लगभग 9 नागरिकों की मौत • भारत ब्राजील का बेहद महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार: मंत्री मार्सियो रोजा • ‘भोजन सुरक्षा और सहयोग का माध्यम बना रहे’, G20 में भारत का स्पष्ट संदेश

राष्ट्रीय

‘सरकार माई-बाप नहीं, नागरिक देवो भव है यूपीएससी के नए दौर का मंत्र : पीएम मोदी

01 अक्टूबर, 2026 05:08 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया। यह दो दिवसीय कार्यक्रम है ,जिसमें यूपीएससी के इतिहास और भविष्य को लेकर मंथन किया जा रहा है। अपने संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “कल एक घटना घटी और भारत के कैप्टन स्मित ने जिस प्रकार से धैर्य, सूझबूझ और साहस का परिचय दिया और जैसे आज इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा कि इस हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया। हर देशवासी को स्मित मच्छार का ये पराक्रम गौरव से भर देता है।”

पीएम मोदी ने कहा कि जब वे यहां गैलरी देख रहे थे तो उन्होंने देखा कि 1920 में सुभाष चंद्र बोस भी इसी प्रक्रिया से गुजरे थे। उन्होंने कहा, “मेरा इस बात पर ध्यान गया कि उस समय अंग्रेजों की हुकूमत थी लेकिन संस्कृत का पेपर हुआ करता था और सुभाष बाबू ने संस्कृत में पेपर लिखा है।” आज के ऐतिहासिक अवसर पर पीएम ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को भी नमन किया। उन्होंने कहा, “आजादी के बाद उनके सामने केवल एक देश को आजाद रखने की चुनौती नहीं थी बल्कि उनके सामने एक राष्ट्र को चलाने की चुनौती भी थी। राष्ट्र के पुनर्निर्माण के लिए जिस स्किल फ्रेम की जरूरत थी, वो सरदार वल्लभ भाई पटेल ने दिया। उन्होंने इस संस्था को आजाद भारत का एक प्रमुख स्तंभ बनाया, इसे सशक्त किया।”

युवाओं की भर्ती पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज आप जिन युवाओं की भर्ती कर रहे हैं, वो विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे और वही विकसित भारत के सबसे बड़े लाभार्थी भी होने वाले हैं। हमें दो कसौटियों को हमेशा याद रखना है। एक- नेशन फर्स्ट, दूसरी-सीटिजन फर्स्ट। यही दो कसौटियां हैं, जिन पर हर सेलेक्शन को कसा जाना है।” उन्होंने कहा कि हमें ऐसे युवाओं को पब्लिक सर्विस में लाना होगा जो पब्लिक ऑफिस से नहीं बल्कि पब्लिक सर्विस से आकर्षित हों। इसलिए जरूरी है कि भर्ती परीक्षा सिर्फ यह न परखे कि उम्मीदवार कितना जानता है बल्कि यह भी देखे कि वह युवा सिविल सर्विस में आना क्यों चाहता है।

पीएम मोदी ने कहा, “हमने अतीत का वो दौर देखा है, जब माना जाता था कि सरकार ही माई-बाप है लेकिन आज का ये दौर नागरिक देवो भव का है। यानी देश का नागरिक हमारे लिए किसी देव से कम नहीं है। हमारे लिए नागरिक की सेवा सर्वोपरि है। आज 21वीं सदी का भारत, एक नई कार्य-संस्कृति के साथ आगे बढ़ रहा है। इसका मूल सिद्धांत प्रो-पीपल, प्रो-एक्टिव गुड गवर्नेंस है।”

उन्होंने कहा कि हमें ऐसे प्रोफेशनल्स की जरूरत है जिनमें गरीबों का दर्द समझने की संवेदनशीलता हो, जो समस्या के समाधान में इनोवेटिव हों और देश की जरूरतों को समझते हों। ऐसे प्रोफेशनल्स जो यह सुनिश्चित करें कि कानूनों का पालन हो लेकिन यह भी समझें कि कोई विशेष कानून लोगों के लिए अच्छा है या नहीं। कैपेसिटी बिल्डिंग पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीएससी और राज्यों के चयन आयोगों की कैपेसिटी बिल्डिंग का काम भी निरंतर होते रहना चाहिए। मिशन कर्मयोगी के तहत जो आईगोट प्लेटफॉर्म बनाया गया है, उसका उपयोग अंदरूनी व्यवस्थाओं और टीम की क्षमता बढ़ाने के लिए भी किया जा सकता है।

पीएम मोदी ने कहा, “आप सभी को हमेशा याद रखना है कि आपका काम युवाशक्ति के भविष्य से जुड़ा है। यानी युवाशक्ति से राष्ट्रशक्ति के निर्माण का जो मिशन है, आप उसका एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। और बीते वर्षों में आपने इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभाई भी है।” उन्होंने कहा कि देश तेजी से रिफॉर्म एक्सप्रेस पर आगे बढ़ रहा है, तो परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं को भी देश की जरूरत के हिसाब से रिफॉर्म पर काम करना चाहिए। परीक्षा को सिर्फ एक इवेंट नहीं समझना चाहिए बल्कि यह हमारे युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। कुछ महीनों की देरी भी युवाओं के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है, इसलिए परीक्षा प्रणाली को समय की निश्चितता के सिद्धांत का पालन करना चाहिए।

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

प्रधानमंत्री मोदी ने पायलट स्मित मच्छार के परिवार से की बात, मदद का भरोसा

प्रधानमंत्री मोदी ने पायलट स्मित मच्छार के परिवार से की बात, मदद का भरोसा

तमिलनाडु में बांधों का जलस्तर गिरकर 34 प्रतिशत पहुंचा, पेयजल संकट की चिंता बढ़ी

तमिलनाडु में बांधों का जलस्तर गिरकर 34 प्रतिशत पहुंचा, पेयजल संकट की चिंता बढ़ी

दिल्ली की हवा में सुधार, सितंबर में पांच साल का सबसे कम औसत AQI

दिल्ली की हवा में सुधार, सितंबर में पांच साल का सबसे कम औसत AQI

‘भोजन सुरक्षा और सहयोग का माध्यम बना रहे’, G20 में भारत का स्पष्ट संदेश

‘भोजन सुरक्षा और सहयोग का माध्यम बना रहे’, G20 में भारत का स्पष्ट संदेश

'स्वच्छता ही सेवा' अभियान: दिल्ली में अलग-अलग जगह केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों ने चलाया सफाई अभियान

'स्वच्छता ही सेवा' अभियान: दिल्ली में अलग-अलग जगह केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों ने चलाया सफाई अभियान

भारत में पहली बार WCOG का आयोजन, नड्डा बोले- 60 करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंचा आयुष्मान भारत

भारत में पहली बार WCOG का आयोजन, नड्डा बोले- 60 करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंचा आयुष्मान भारत

मिल्वौकी में G20 व्यापार वार्ता शुरू, पीयूष गोयल ने किया भारत का प्रतिनिधित्व

मिल्वौकी में G20 व्यापार वार्ता शुरू, पीयूष गोयल ने किया भारत का प्रतिनिधित्व

‘भारत को स्मित मच्छार पर गर्व’, PM मोदी ने फ्लाईदुबई के पायलट की बहादुरी को सराहा

‘भारत को स्मित मच्छार पर गर्व’, PM मोदी ने फ्लाईदुबई के पायलट की बहादुरी को सराहा

गाजियाबाद में पुलिस मुठभेड़ के बाद स्नैचर गिरफ्तार, तमंचा और चोरी की बाइक बरामद

गाजियाबाद में पुलिस मुठभेड़ के बाद स्नैचर गिरफ्तार, तमंचा और चोरी की बाइक बरामद

एमआईईटी मेरठ में यूपीराइज 2026 का आयोजन, युवाओं ने नवाचार और उद्यमिता के दिखाए आइडिया

एमआईईटी मेरठ में यूपीराइज 2026 का आयोजन, युवाओं ने नवाचार और उद्यमिता के दिखाए आइडिया