संगरूर : साइकिलिंग एसोसिएशन ऑफ पंजाब की ओर से महिला साइकिलिंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संगरूर में आयोजित की जा रही ‘अस्मिता खेलो इंडिया विमेंस स्टेट लीग (रोड)-2026’ के पहले दिन पंजाब के विभिन्न हिस्सों से पहुंची महिला साइकिलिस्टों में भारी उत्साह देखने को मिला। इंडिविजुअल टाइम ट्रायल के मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी शारीरिक क्षमता, तकनीकी कौशल, दृढ़ संकल्प और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया।
पहले दिन आयोजित विमेंस एलीट वर्ग के 16 किलोमीटर इंडिविजुअल टाइम ट्रायल में एन.आई.एस. पटियाला की भूमिका ने 25 मिनट 32.751 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि एन.आई.एस. पटियाला की खोइरोम रेजिया देवी ने 25 मिनट 39.146 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। संगरूर की सवरीन कौर ने 36 मिनट 53.236 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया।
इसी प्रकार विमेंस जूनियर वर्ग के 8 किलोमीटर इंडिविजुअल टाइम ट्रायल में गुरदासपुर की एकदीपजोत कौर ने 14 मिनट 18.278 सेकंड के शानदार समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। लुधियाना की तनवीर कौर ने 14 मिनट 44.720 सेकंड के समय के साथ रजत पदक, जबकि लुधियाना की प्रीति ने 15 मिनट 09.319 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
इस अवसर पर मार्केट कमेटी संगरूर के चेयरमैन अवतार सिंह ईलवाल ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि पंजाब की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और खेलों के क्षेत्र में भी उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि ‘अस्मिता खेलो इंडिया विमेंस स्टेट लीग’ जैसे मुकाबले विशेष रूप से युवा महिला खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करते हैं।
श्री ईलवाल ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये युवाओं के समग्र व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों से जुड़ा युवा अनुशासन, मेहनत, लक्ष्य निर्धारण, टीम भावना और कठिन परिस्थितियों में डटे रहने जैसे गुण सीखता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीत-हार से ऊपर उठकर खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
साइकिलिंग एसोसिएशन ऑफ पंजाब के महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य पंजाब में साइकिलिंग को जमीनी स्तर से मजबूत करना और प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के उचित अवसर उपलब्ध करवाना है।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से महिला साइकिलिंग के क्षेत्र में पंजाब में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को छोटी उम्र से ही नियमित प्रतियोगिताएं, तकनीकी प्रशिक्षण और उच्च स्तरीय खेल वातावरण उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि अस्मिता खेलो इंडिया विमेंस लीग इस दिशा में बेहद महत्वपूर्ण पहल है, क्योंकि इसके माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा परखने के साथ-साथ प्रतिस्पर्धा का बहुमूल्य अनुभव भी प्राप्त होता है।
श्री काहलों ने कहा कि साइकिलिंग एसोसिएशन ऑफ पंजाब का प्रयास है कि प्रदेश में अधिक से अधिक साइकिलिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं और स्कूल तथा गांव स्तर से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की जाए। उन्होंने कहा कि साइकिलिंग में पंजाब के खिलाड़ियों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की क्षमता है और इसके लिए उन्हें वैज्ञानिक प्रशिक्षण तथा नियमित प्रतियोगिताओं से जोड़ना बेहद जरूरी है।
आयोजन समिति के चेयरमैन एवं शिक्षक जगदीश सिंह और सचिव जसवीर सिंह ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे निरंतर मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भाग लेने के लिए भी प्रोत्साहित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से लड़कियों को खेलों में आगे लाने के लिए परिवार, स्कूल और समाज का सहयोग बेहद जरूरी है। लीग में खिलाड़ियों द्वारा दिखाया गया उत्साह पंजाब में महिला साइकिलिंग के सुनहरे भविष्य का संकेत है।
इस दौरान प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाली महिला साइकिलिस्टों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस तरह की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से उन्हें अपनी तैयारी और क्षमता को परखने के साथ-साथ अन्य बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलता है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और अपनी कमियों को पहचानकर आगामी प्रतियोगिताओं के लिए और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा मिलती है।
खिलाड़ियों ने साइकिलिंग एसोसिएशन ऑफ पंजाब और आयोजन समिति द्वारा किए गए प्रबंधों की सराहना करते हुए कहा कि महिला खिलाड़ियों के लिए निरंतर इस तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की जानी चाहिए, ताकि उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिक से अधिक अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य पंजाब और देश का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना है।
आयोजकों ने बताया कि 12 सितंबर को इंडिविजुअल टाइम ट्रायल के तहत विमेंस एलीट वर्ग के लिए 16 किलोमीटर और विमेंस जूनियर वर्ग के लिए 8 किलोमीटर के मुकाबले आयोजित किए गए। उन्होंने बताया कि 13 सितंबर को रोड रेस (मास स्टार्ट) के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे।
आयोजकों ने कहा कि इस लीग का उद्देश्य केवल विजेता खिलाड़ियों का चयन करना नहीं है, बल्कि पंजाब की अधिक से अधिक बेटियों को साइकिलिंग से जोड़ना, उनमें खेलों के प्रति आत्मविश्वास पैदा करना और भविष्य के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी तैयार करने हेतु एक मजबूत आधार तैयार करना भी है।
इस अवसर पर साइकिलिंग कोच मनोज दुआ, कुलदीप सिंह बिजलपुर, नरिंदर पाल सिंह गिल, कमलप्रीत सिंह कपियाल, राजेश कुमार बारन, लवदीप चीमा और गुरविंदर सिंह गग्गू सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी और दर्शक उपस्थित थे।