हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक गलियारों और बड़सर विधानसभा क्षेत्र के लिए एक बेहद दुखद खबर है। बड़सर (जिसे पूर्व में नादौनता विधानसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाता था) से 2 बार भाजपा के विधायक रहे वरिष्ठ नेता राम रतन शर्मा (91) का निधन हो गया है। उनके निधन का समाचार मिलते ही पूरे विधानसभा क्षेत्र और प्रदेश के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
1982 और 1990 में बने थे विधायक
जानकारी के अनुसार दिवंगत नेता राम रतन शर्मा का जन्म वर्ष 1935 में हुआ था। वह जमीनी स्तर से जुड़े हुए एक लोकप्रिय जननेता थे। उन्होंने पहली बार वर्ष 1982 में नादौनता (वर्तमान बड़सर) विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज कर विधानसभा में कदम रखा था। जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ और विकास कार्यों के चलते, उन्होंने वर्ष 1990 में दोबारा जीत हासिल की और 1990 से 1993 तक अपने दूसरे कार्यकाल में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
शिक्षा और समाज सेवा में रहा अहम योगदान
राम रतन शर्मा ने अपना पूरा जीवन समाज और अपने क्षेत्र की सेवा में समर्पित कर दिया। एक राजनेता होने के साथ-साथ वे एक प्रबुद्ध समाजसेवी भी थे। राजनीति के अतिरिक्त शिक्षा के क्षेत्र में भी उनके द्वारा दिए गए बहुमूल्य योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने अपने पीछे न केवल यादें, बल्कि निःस्वार्थ सेवा और समाज कल्याण के कार्यों की एक ऐसी समृद्ध विरासत छोड़ी है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
एक सौम्य और मिलनसार व्यक्तित्व वाले राम रतन शर्मा का सम्मान सभी राजनीतिक दलों में था। उनके निधन पर क्षेत्र के भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी नेताओं और स्थानीय लोगों ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय और अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।