हरियाणा के सरकारी खजाने से जुड़े ₹504 करोड़ के वृहद बैंकिंग घोटाले (Haryana Government Funds Fraud) में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई की टीमों ने चंडीगढ़ और पंजाब के लुधियाना में 5 ठिकानों पर छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई हरियाणा सरकार के आठ विभागों के गबन किए गए फंड की कड़ियों को जोड़ने और आरोपी अधिकारियों व बिचौलियों पर नकेल कसने के सिलसिले में की गई है। गौरतलब है कि हरियाणा सरकार के 8 प्रमुख सरकारी विभागों (जिनमें हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड - HSPCB भी शामिल है) के करीब 504 करोड़ रुपये की राशि सेक्टर-32, चंडीगढ़ स्थित IDFC फर्स्ट बैंक शाखा में जमा कराई गई थी।
शातिर ठगों और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी एफडी (Forged Fixed Deposits) और अवैध डेबिट ट्रांजेक्शन के जरिए इस सरकारी पैसे को शेल (फर्जी) कंपनियों में ट्रांसफर कर हड़प लिया गया था। हरियाणा सरकार की सिफारिश पर सीबीआई ने इस मामले की जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (State Vigilance Bureau) से अपने हाथ में ली थी।
सीबीआई इस पूरे अंतरराज्यीय घोटाले की तह तक पहुंच चुकी है और हरियाणा प्रकरण में अब तक 17 मुख्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें शामिल हैं:
हरियाणा सरकार के 3 लोक सेवक
IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 वरिष्ठ अधिकारी
6 निजी व्यक्ति और 2 फर्जी (शेल) कंपनियां
चंडीगढ़ और लुधियाना में हुई ताज़ा छापेमारी
23 जुलाई को सीबीआई ने चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL), नगर निगम चंडीगढ़ तथा अन्य विभागों के फंड हेराफेरी से जुड़े मामलों में कार्रवाई करते हुए 5 ठिकानों पर दबिश दी:
कहां-कहां पड़े छापे: CSCL के लोक सेवक अनुभव मिश्रा और संदिग्ध लाभार्थियों के आवासीय व व्यावसायिक परिसरों पर।
क्या मिला: डिजिटल साक्ष्य, स्टोरेज ड्राइव, डिजिटल सिग्नेचर, जायदाद के दस्तावेज और वित्तीय हेराफेरी से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।
हरियाणा के टैक्सपेयर्स के एक-एक पैसे का हिसाब लेगी CBI
सीबीआई के अधिकारियों के अनुसार, हरियाणा सरकार के विभागों से चोरी किए गए सार्वजनिक धन (Proceeds of Crime) की पूरी ट्रेल (Money Trail) को ट्रैक कर लिया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि घोटाले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और हरियाणा के सरकारी खजाने को हुए नुकसान की पाई-पाई की भरपाई कराई जाएगी।